'ममता को अब कांग्रेस की जरूरत पड़ रही', INDI की बैठक में शामिल होने पर अधीर का तंज
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी के INDI गठबंधन की बैठक में शामिल होने पर तंज कसा है।

ममता को अब कांग्रेस की जरूरत पड़ रही।
HighLights
अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी पर INDIA बैठक को लेकर तंज कसा।
उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व को स्वीकारने पर ममता से सवाल किया।
अधीर ने कहा ममता को बंगाल में हार के कारण दिल्ली जाना पड़ा।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने बुधवार को दिल्ली में ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ की बैठक में ममता बनर्जी के शामिल होने के बाद उन पर तंज कसा है।
अधीर ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस के साथ उनकी फिर बढ़ती नजदीकियों का यह भी मतलब है कि वह 2029 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर विपक्ष के नेतृत्व के लिए राहुल गांधी को स्वीकार करने को तैयार हैं?
ममता बनर्जी के मुखर आलोचक बंगाल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष चौधरी ने कहा कि विपक्षी दलों को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को अपनी राजनीतिक लड़ाई का चेहरा मानना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर ममता द्वारा पहले जताई गई आपत्तियों पर भी सवाल उठाया।
चौधरी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दीदी को दिल्ली जाना पड़ा, इसकी वजह आप सभी जानते हैं… क्योंकि वह बंगाल में हार चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि कई तथाकथित नेताओं ने विपक्षी गठबंधन के नेतृत्व के लिए पहले राहुल गांधी का विरोध किया था लेकिन वास्तविकता यह है कि केवल राहुल ही गठबंधन का नेतृत्व कर सकते हैं और उन्हें ही सबसे आगे होना चाहिए।
चौधरी ने कहा कि यदि ‘INDI’ गठबंधन की शुरुआती बैठकों के समय ममता बनर्जी ने राहुल गांधी के नेतृत्व का समर्थन किया होता तो देश की स्थिति आज शायद अलग होती।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी बंगाल में चुनाव हार चुकी हैं और उनकी पार्टी टूट चुकी है। वह पिछले 15 वर्ष में हमारी पार्टी को खत्म करने की कोशिश करने के बाद अब कांग्रेस के साथ गठजोड़ चाहती हैं।
अधीर ने आरोप लगाया कि ममता व उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने इतने वर्षों तक ‘INDI’ गठबंधन और कांग्रेस को कमजोर करने के लिए हरसंभव कोशिश की।
चौधरी ने यह टिप्पणी ममता के बुधवार को नई दिल्ली में ‘INDI’ गठबंधन के नेताओं की बैठक में शामिल होने के बाद की। साढ़े तीन घंटे चली इस बैठक में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एफआईआर) और निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर विपक्ष की चिंताओं पर संयुक्त रणनीति तैयार की गई।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले समेत कई नेता शामिल हुए।
