राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष व सांसद अधीर रंजन चौधरी ने दावा किया कि कांग्रेस ने तीन विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान किसानों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी, वहीं राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा के बाद कानून निरस्त किए जाने का श्रेय लेने के लिए ‘‘झूठे’’ दावे कर रही है।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता ने कहा कि जहां राहुल गांधी और पार्टी के अन्य नेता और कार्यकर्ता देश भर में आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में खड़े रहे, वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दिल्ली की यात्रा के दौरान प्रदर्शनकारियों से मिलने के लिए जंतर-मंतर तक नहीं गईं। चौधरी ने कहा, हमने 11 महीने तक किसानों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी, तब तृणमूल कांग्रेस कहां थी? ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी अब खुद अपना मजाक बना रही है।

चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी और उनके सहित अन्य नेता जंतर मंतर पर किसान पंचायत में गए थे और वहां आंदोलन के नेताओं के भाषण सुने थे। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि टीएमसी किसानों के आंदोलन में अपनी भूमिका और उनके समर्थन के बारे में झूठे दावे कर रही है।

उन्होंने कहा, किसान आंदोलन की शुरुआत के बाद से, कांग्रेस ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ देश भर में आंदोलन किए हैं। वहीं, इस साल की शुरुआत में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में राकेश टिकैत जैसे किसान नेताओं के यहां ममता बनर्जी से मुलाकात करने और टीएमसी का समर्थन करने के बारे में पूछे जाने पर चौधरी ने इसे तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि वे (किसान नेता) भाजपा के खिलाफ प्रचार करने के लिए उन सभी चुनावी राज्यों में गए जहां भारतीय जनता पार्टी को हराने की संभावना थी। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तृणमूल कांग्रेस पर समझौता करने का आरोप लगाते हुए कहा, कोयला घोटाले, नारद, शारदा की जांच बंद हो गई है।

Edited By: Priti Jha