दुर्गापूजा में वंचित बच्चों को घुमाएगा अदाणी ग्रुप, बंगाल की संस्कृति के संरक्षण की भी पहल
अदाणी समूह दुर्गापूजा के दौरान सामाजिक रूप से वंचित लोगों को उत्सव से जोड़ रहा है और बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर रहा है।

दुर्गापूजा में अदाणी समूह की अनूठी पहल (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)
HighLights
वंचितों को दुर्गापूजा पंडालों का भ्रमण कराया जाएगा।
दिव्यांग बच्चों और विधवाओं को उत्सव से जोड़ना।
बंगाल की कला और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता । दुर्गापूजा के दौरान सामाजिक रूप से वंचित लोगों को उत्सव की खुशियों से जोड़ने और बंगाल की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए अदाणी समूह ने विशेष पहल की है।
इसके तहत 10 से 12 अक्टूबर तक दृष्टिबाधित, आटिस्टिक और दिव्यांग बच्चों, आदिवासी विद्यार्थियों, बेघर लोगों, विधवा महिलाओं और अन्य वंचित वर्गों के सदस्यों को कोलकाता के प्रमुख दुर्गापूजा पंडालों का भ्रमण कराया जाएगा।
विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से आयोजित इस कार्यक्रम के तहत 356 बच्चों को 500 रुपये प्रति बच्चा देने की भी योजना है।
सालभर सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना
अदाणी समूह के बंगाल के मुख्य सलाहकार और सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी संजय खाड़े के नेतृत्व में इस पहल के तहत बंगाल की कला, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है।
इसके अंतर्गत कला कार्यशालाओं, पूजा कला की सराहना से जुड़े पाठ्यक्रमों और प्रदर्शन कलाओं को प्रोत्साहित करने के साथ ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण पर भी ध्यान दिया जाएगा। इनमें राइटर्स बिल्डिंग और कुम्हारटोली घाट जैसे स्थान शामिल हैं।
