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बंगाल में अभिषेक बनर्जी की संपत्ति की जांच शुरू, सीएम शुभेंदु अधिकारी ने TMC नेता पर उठाए थे सवाल

Published: Tue, 19 May 2026 11:25 PM (IST)

कोलकाता नगर निगम ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा उठाए गए सवालों के बाद अभिषेक बनर्जी और उनके करीबियों की संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है।

बंगाल में अभिषेक बनर्जी की संपत्ति की जांच शुरू

बंगाल में अभिषेक बनर्जी की संपत्ति की जांच शुरू

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की संपत्तियों पर प्रश्न उठाने के बाद कोलकाता नगर निगम ने इसकी जांच शुरू की है।

निगम के भवन विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को अभिषेक व उनके करीबी लोगों से जुड़ीं कई अचल संपत्तियों का निरीक्षण किया। उन्होंने दक्षिण कोलकाता के हरीश मुखर्जी रोड स्थित 'शांतिनिकेतन' समेत कई इमारतों पर कोलकाता नगर निगम अधिनियम की धारा 401 के तहत नोटिस भी चिपकाए।

निगम के एक अधिकारी ने बताया कि शांतिनिकेतन जाकर पहले दरवाजा खटखटाया गया था। कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर नोटिस चिपकाया गया है।

ऐसा नोटिस तब चिपकाया जाता है, जब इमारत का कोई हिस्सा निगम की अनुमति के बिना निर्मित किया जाता है। नोटिस के बाद उसे तोड़ा जा सकता है। इस बीच खबर है कि बाद में नोटिस को फाड़ दिया गया।

अभिषेक बनर्जी की संपत्ति की जांच

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अभिषेक व उनके तीन करीबियों के स्वामित्व वालीं संपत्तियोंं की जांच होगी। लीप्स एंड बाउंड्स नामक संस्था के नाम पर अभिषेक के पास 14 संपत्तियां हैं। इनमें से छह उनके पिता के नाम पर हैं।

निगम ने अभिषेक के स्वामित्व व सह-स्वामित्व वालीं 42 संपत्तियों को चिन्हित किया है। उन संपत्तियों की वैधता और इनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच की जाएगी। उनपर किसी तरह का कर लंबित है या नहीं, इसकी भी जांच होगी। आवश्यकता पड़ने पर आगे कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

इसे लेकर बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भाजपा इसे भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति का मामला बता रही है, जबकि तृणमूल राजनीतिक प्रतिशोध करार दे रही है।

तृणमूल ने कहा कि इसे कानूनी तौर पर चुनौती दी जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि विधानसभा चुनाव के बाद राज्य की राजनीति सीधे तौर पर वित्तीय अनियमितता और प्रशासनिक कार्रवाई के मुद्दों पर केंद्रित होती जा रही है।

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