सोशल मीडिया पर दोस्ती कर बांग्लादेशी किशोरी को बुलाया भारत, देह व्यापार के आरोप में 4 आरोपियों को 10 साल की सजा
बारासात की विशेष पोक्सो अदालत ने बांग्लादेशी किशोरी को प्रेमजाल में फंसाकर भारत लाकर देह व्यापार में बेचने के मामले ...और पढ़ें

प्रेमजाल में फंसाकर बांग्लादेशी किशोरी की तस्करी (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)
HighLights
बांग्लादेशी किशोरी को देह व्यापार में बेचने का मामला।
चार दोषियों को 10 साल की सश्रम कारावास की सजा।
पीड़िता को पांच लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता । बांग्लादेश की 14 वर्षीय किशोरी को प्रेमजाल में फंसाकर अवैध तरीके से भारत लाने और उसे देह व्यापार के अड्डे पर बेचने के मामले में बारासात की विशेष पोक्सो अदालत ने चार दोषियों को 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही पीड़िता को पांच लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है।
अदालत के अनुसार, घटना 2024 की है। 16 अप्रैल को मिजानुर गाजी की मदद से सीमा सुरक्षा बल की नजरों से बचाकर किशोरी को अवैध तरीके से भारत लाया गया था। आरोप था कि यहां उसे बंधक बनाकर शारीरिक प्रताड़ना दी गई और बाद में देह व्यापार के अड्डे पर बेच दिया गया।
पूछताछ में आरोपितों ने इंटरनेट मीडिया पर संपर्क के बाद किशोरी को बहला-फुसलाकर भारत लाने की बात स्वीकार की थी।
बागुईआटी थाने में दर्ज हुआ था मामला
बांग्लादेश हाई कमीशन के माध्यम से मामला भारतीय दूतावास के संज्ञान में आया था। इसके बाद कोलकाता के बागुईआटी थाने की पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने किशोरी को बचाया और चारों आरोपितों को गिरफ्तार किया।
बारासात अदालत में सुनवाई के बाद सोमवार को उन्हें दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई। दोषियों की पहचान मिजानुर गाजी, रूबी अख्तर उर्फ प्रियंका घोष उर्फ दिया खान, समीर राय उर्फ दीपक और स्वपन पुई उर्फ बापी के रूप में हुई है।
