राज्य ब्यूरो, कोलकाता : लॉकडाउन के कारण 2 महीने से ज्यादा समय से देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी श्रमिकों, तीर्थ यात्रियों व अन्य लोगों को लेकर बंगाल में श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का पहुंचना शुरू हो गया है। रेलवे सूत्रों के अनुसार बुधवार व गुरुवार को मिला कर हावड़ा सहित राज्य के विभिन्न स्टेशनों पर कुल 30 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें पहुंची। इनमें सबसे ज्यादा महाराष्ट्र से स्पेशल ट्रेनें पहुंची है।

इसके अलावा केरल, गुजरात, राजस्थान सहित अन्य राज्यों से आई है। दक्षिण पूर्व रेलवे व पूर्व रेलवे के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि 2 दिनों में 30 ट्रेनें यहां पहुंची है। इनमें से दो ही स्पेशल ट्रेन गुरुवार शाम को हावड़ा आई जबकि बाकी का रूट डायवर्ट कर दिया गया। इन सभी 30 ट्रेनों के पहले हावड़ा ही आने की बात थी। लेकिन बाद में इसका रूट डाइवर्ट करके इनमें से कुछ को खड़गपुर, डानकुनी, आसनसोल, बर्दवान, दुर्गापुर, रामपुरहाट, मालदा और अंत में एनजेपी स्टेशन लेकर जाया गया। इन स्टेशनों पर स्पेशल ट्रेनों को खाली कराया गया है और इससे आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई। 

उल्लेखनीय है कि बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि रेलवे ने राज्य सरकार को बिना बताए मुंबई से 36 स्पेशल ट्रेनें बंगाल के लिए भेज दी है। उन्होंने एम्फन चक्रवात से हुई तबाही को देखते हुए कम संख्या में स्पेशल ट्रेनें यहां भेजने की अपील की थी। साथ ही इस मामले में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से हस्तक्षेप की भी अपील की थी। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पहले दावा किया था कि उसने दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी श्रमिकों की वापसी के लिए 225 स्पेशल ट्रेनें बंगाल के लिए चलाने की अनुमति दी है। इनमें से 19 स्पेशल ट्रेनें पिछले सप्ताह बुधवार को आए विनाशकारी एम्फन चक्रवात से पहले ही आ चुकी है।

वहीं, चक्रवात से हुई भारी तबाही के बाद राज्य सरकार ने रेलवे से 26 मई तक बंगाल में ट्रेनें नहीं भेजने का अनुरोध किया था। इसके बाद रेलवे ने जैसे ही यहां के लिए ट्रेनों को भेजना शुरू किया तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पर काफी नाराजगी जाहिर की। मुख्यमंत्री ने रेलवे पर मनमर्जी का भी आरोप लगाया और कहा कि प्रवासी श्रमिकों के आने से कोविड-19 के मामलों में भी इजाफा होगा।

Posted By: Vijay Kumar

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