कोलकाता, राज्य ब्यूरो। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) देश की सीमाओं के साथ- साथ सीमा वासियों की सहायता करने के लिए सदैव तत्पर रहती है। इसी तरह की एक मिसाल पेश की है दक्षिण बंगाल फ्रंटियर, बीएसएफ की 86वीं बटालियन के जवानों ने, जो कि मुर्शिदाबाद जिले में भारत- बांग्लादेश की सीमा पर तैनात हैं। 29- 30 जुलाई, गुरुवार- शुक्रवार की दरमियानी रात में लगभग 01:45 बजे सीमावर्ती शिकारपुर गांव की एक महिला सुप्रिया मंडल (50) को एक जहरीले सांप ने काट लिया।

इस घटना की जानकारी जब बीएसएफ की सीमा चौकी शिकारपुर के कंपनी कमांडर को मिली तो उन्होंने बिना कुछ देरी किए एक नर्सिंग सहायक के साथ एंबुलेंस तुरंत सुप्रिया मंडल के घर भेजी तथा पीड़िता को उसके परिवार वालों के साथ करीमपुर अस्पताल में इलाज के लिए भिजवाया। इसके बाद डॉक्टरों ने महिला का तुरंत इलाज शुरू किया और वह अब ठीक बताई जा रही है। डॉक्टरों ने कहा कि बीएसएफ द्वारा सही समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने से महिला की जान बच गई।

महिला के पति ने बीएसएफ के प्रति जताया आभार

वहीं, सुप्रिया के पति नमाई मंडल ने बीएसएफ का आभार प्रकट किया और कहा अगर वह सही समय पर सहायता नहीं करती तो सांप का जहर सुप्रिया के पूरे शरीर में फैल जाता और इसके कारण उसकी मृत्यु भी हो सकती थी। परिवार के अलावा ग्रामीणों ने भी बीएसएफ के इस कार्य की प्रशंसा की।इधर, 86वीं बटालियन बीएसएफ के कमांडिंग ऑफिसर सुरेंद्र कुमार ने जवानों के इस सराहनीय कार्य पर खुशी जताई और कहा कि सीमा सुरक्षा बल सीमा पर होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने के साथ- साथ सीमा वासियों के हर सुख- दुख में साथ रहती है जिससे बल और आम जनता के बीच और मधुर संबंध स्थापित हो सकें।

Edited By: Babita Kashyap