राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कोरोना नियमों के उल्लंघन को लेकर त्रिपुरा पुलिस द्वारा चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की इंडियन पॉलीटिकल एक्शन कमिटी (आइपैक) की 23 सदस्यीय एक टीम को अगरतला के एक होटल में क्वारंटाइन किए जाने के मुद्दे पर बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) भाजपा के खिलाफ हमलावर है।इस बीच, आइपैक टीम को वहां की पुलिस ने समन भेज कर एक अगस्त को पूछताछ के लिए भी तलब किया है। वहीं, इस पूरी कार्रवाई के विरोध में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर बुधवार को बंगाल के दो मंत्री समेत तृणमूल कांग्रेस के तीन नेता त्रिपुरा पहुंचे और इस घटना के खिलाफ प्रतिवाद जताया। कानून मंत्री मलय घटक, शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु तथा तृणमूल के श्रमिक प्रकोष्ठ के नेता ऋतव्रत बनर्जी ने अगरतला में एक संवाददाता सम्मेलन कर भाजपा की अगुवाई वाली त्रिपुरा सरकार पर आइपैक टीम को बंदी बनाने का आरोप लगाते हुए इसे अलोकतांत्रिक बताया।

कानून मंत्री मलय घटक ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा करके यदि वह तृणमूल को नहीं रोक पाएगी। उन्होंने कहा कि जहां अन्याय है, वहां ममता बनर्जी खड़ी हैं। इसके खिलाफ उन लोगों की लड़ाई जारी रहेगी। घटक ने कहा कि तृणमूल को मिल रहे जबरदस्त समर्थन से भाजपा घबरा गई है। इसीलिए त्रिपुरा में इस तरह की लोकतांत्रिक व फासीवादी चीजें देखने को मिल रही है। इस घटना के खिलाफ एक-दो दिन में टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी त्रिपुरा जा सकते हैं।

'झूठा मामला कर तृणमूल को नहीं डरा पाएगी त्रिपुरा सरकार'

इस दौरान मंत्री ब्रात्य बसु ने कहा कि टीम के सदस्यों के खिलाफ कोरोना नियमों के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है, जबकि सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। सभी ने डबल वैक्सीन भी ली है। झूठा मामला कर त्रिपुरा सरकार यह समझेगी कि इससे तृणमूल डर जाएगी, यह नहीं होगा। बंगाल के चुनाव में जनता ने ममता बनर्जी के पक्ष में राय दी है, जबकि भाजपा ने अपनी पूरी ताकत लगा दी थी। त्रिपुरा के लोग भी भाजपा को खारिज कर देंगे। त्रिपुरा में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा के खिलाफ अभी से ही तृणमूल लामबंदी में जुट गई है। 

Edited By: Sachin Kumar Mishra