राज्य ब्यूरो, कोलकाता। West Bengal Assembly Election 2021: बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले जारी सियासी घमासान के बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने रविवार को भाजपा को सार्वजनिक रूप से धमकी दी। दक्षिण 24 परगना जिले के कुलतली में एक जनसभा में अभिषेक ने कहा कि इस बार जीतने के बाद हम इंच-इंच का बदला लेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बहुत उदार हैं और उन्होंने बहुत दया दिखा दी। लेकिन हम दया दिखाने वाले नहीं हैं, इस बार सत्ता में आएंगे तो एक-एक आदमी से इंच-इंच का बदला लेंगे। वहीं, अभिषेक के इस बयान पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि वह हताशा में ऐसा बोल रहे हैं। तृणमूल की विदाई तय है।

इधर, अभिषेक ने हाल में तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी पर पलटवार करते हुए उन्हें तोलाबाज (लुटेरा) साबित करने की भी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि कोई साबित कर दे कि वह तोलाबाजी में लिप्त हैं तो सार्वजनिक रूप से जनता के सामने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेंगे। दरअसल, भाजपा में पिछले महीने शामिल होने के बाद से सुवेंदु अपनी हर रैली व सभा में अभिषेक का नाम लिए बगैर लगातार तोलाबाज भाईपो हटाओ (लुटेरा भतीजा को हटाओ) का नारा बुलंद करते आ रहे हैं। इसको लेकर अभिषेक ने पलटवार करते हुए सुवेंदु पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नारदा स्टिंग ऑपरेशन में जिन्हें रुपये लेते देखा गया, सारधा चिटफंड घोटाले में जिनका नाम आया है ऐसे तोलाबाज अभी साधु बने फिर रहे हैं और उल्टे हमको तोलाबाज कह रहे हैं।

अभिषेक ने कहा कि ऐसे ही लोगों को केंद्रीय जांच एजेंसियों सीबीआइ और ईडी से डर है। यही वजह है कि उन्होंने पाला बदल लिया है। अभिषेक ने कहा कि यदि दम है तो यह साबित करते दिखाए कि वह (अभिषेक बनर्जी) तोलाबाज है, यदि ऐसा साबित हो गया तो वह जनता के सामने फांसी लगाकर मौत को गले लगा लेंगे। अभिषेक ने यह भी दावा किया कि उनके पास सारधा ग्रुप के प्रमुख व इस चिटफंड घोटाले के प्रमुख आरोपित सुदीप्तो सेन की लिखी एक चिट्ठी है, जिसे उसने बैंकशाल कोर्ट को दिया था। चिट्ठी का हवाला देकर उन्होंने कहा कि सुदीप्त सेन ने पत्र में सुवेंदु के नाम का उल्लेख किया है जिसे उसने छह करोड़ रुपये देने का दावा किया है।

सारधा के चेयरमैन को ब्लैकमेल करते थे सुवेंदु अधिकारी

अभिषेक ने कहा कि इतना ही नहीं, चिट्ठी में सेन का यह भी आरोप है कि सुवेंदु अधिकारी उन्हें (सुदीप्त को) ब्लैकमेल करते थे। उन्होंने कहा कि यदि चिट्ठी को लेकर संशय है, तो इसकी फॉरेंसिक जांच कराई जाए। वह हर जांच के लिए तैयार हैं। यदि वह गलत साबित हुए, तो उन्हें हर सजा मंजूर है। अभिषेक ने लोगों से कहा कि बंगाल के लोगों की लड़ाई अब एक ‘जुमलेबाज’ पार्टी के साथ है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में राज्य के लोग भाजपा को एक इंच जमीन नहीं देंगे। भाजपा को यदि तृणमूल से मुकाबला करना है तो वह राजनीतिक रूप से करे। राज्य के खिलाफ झूठा प्रचार नहीं करे। अभिषेक ने कहा कि 10 वर्षों में तृणमूल सरकार ने जो विकास कार्य किए हैं, उसका रिपोर्ट कार्ड प्रकाशित किया। क्या केंद्र सरकार रिपोर्ट कार्ड प्रकाशित कर सकती है? 

अगर केंद्र सरकार राजनीति में परिवार के केवल एक सदस्य की अनुमति कानून लाती है तो छोड़ देंगे राजनीति

परिवारवाद के मुद्दे पर भाजपा नेताओं द्वारा लगातार लगाए जा रहे आरोपों के बीच बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे व तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने रविवार को पलटवार करते हुए केंद्र व भाजपा को चुनौती दी।अभिषेक ने कहा कि अगर केंद्र सरकार राजनीति में परिवार के केवल एक सदस्य की अनुमति कानून लाती है तो वह राजनीति छोड़ देंगे। तृणमूल सांसद ने यह भी कहा कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप साबित हो गए तो वह सार्वजनिक रूप से फांसी लगाकर मौत को गले लगा लेंगे। 

दक्षिण 24 परगना जिले के कुलतली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अभिषेक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक परिवार से एक से अधिक व्यक्ति के राजनीति में आने पर प्रतिबंध लगाने वाले बिल लाना चाहिए, वह अगले ही पल राजनीति छोड़ देंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय से लेकर सुवेंदु अधिकारी, मुकुल राय, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व अन्य नेताओं के परिवार के सदस्य जो भाजपा में महत्वपूर्ण पदों पर हैं। ऐसे नेता पहले यह सुनिश्चित करें कि उनके परिवार में केवल एक ही व्यक्ति राजनीति में हो। यदि भाजपा नेता ऐसा करते हैं, तो वह राजनीति छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि जनता मूर्ख नहीं है। जनता ही चुनाव में ऐसे लोगों को जवाब देगी। जनसभा के दौरान उन्होंने बाहरी का मुद्दा उठाकर भी भाजपा नेताओं पर निशाना साधा।अभिषेक ने कहा कि भाजपा के नेताओं को राज्य का विकास नहीं दिखता है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि लगता है कि अब जल्द ‘छानीश्री योजना’ (मोतियाबिंद योजना) शुरू करनी होगी, ताकि वे विकास कार्य को देख सकें।

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