कोलकाता, विशाल श्रेष्ठ। अर्जेंटीना के किंवदंती फुटबॉलर डिएगो माराडोना वैश्विक कम्युनिस्ट नेता व क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो के बहुत बड़े समर्थक थे। 2008 में अपने पहले कोलकाता दौरे के समय जब उन्हें पता चला कि पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु फिदेल कास्त्रो के मित्र हैं तो वे उनसे मिलने अचानक उनके निवास स्थल इंदिरा भवन चले गए थे।

माराडोना ने बसु से कहा था-' आप फिदेल कास्त्रो के मित्र हैं और मैं भी। जो फिदेल कास्त्रो का मित्र है, वह मेरा भी मित्र है। आपने फिदेल कास्त्रो को बेहद नजदीक से देखा है। मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं।' मुलाकात के दौरान बसु ने माराडोना को फिदेल कास्त्रो की तस्वीरों का एक एल्बम भेंट किया था। ये तस्वीरें उस वक्त ली गई थीं, जब फिदेल कास्त्रो कोलकाता के दौरे पर आए थे। माराडोना इंग्लिश नहीं जानते थे इसलिए स्पेनिश- इंग्लिश ट्रांसलेटर के जरिए बसु से बातचीत की थी।

माराडोना को कोलकाता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वामपंथी नेता शमिक लाहिड़ी ने बताया-'जब हमारी टीम माराडोना से मुलाकात करने अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स स्थित उनके घर गई थी, उस समय माराडोना ने हमारा गर्मजोशी से स्वागत किया था।

हमसे बातचीत के दौरान जब माराडोना को पता चला कि मैं वामपंथी नेता हूं तो वह बहुत खुश हो गए थे और उन्होंने वामपंथी विचारधारा को लेकर मेरे साथ काफी बातचीत की थी। माराडोना ने मुलाकात के लिए सिर्फ पांच मिनट का वक्त दिया था लेकिन हमारे साथ उनकी घंटे से भी ज्यादा समय तक बातचीत हुई। माराडोना वामपंथी विचारधारा से बेहद प्रभावित थे।' 

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