कूचबिहार, संवादसूत्र। कूचबिहार सरकारी मेडिकल कालेज व अस्पताल के मदर एंड चाइल्ड हब में गुरूवार को आग लगी की घटना में अस्पताल परिसर में अफरा-तफरा मच गई। हालांकि इसमें किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं घटी। हब में भर्ती 200 गर्भवती महिलाओं एवं नवजात बच्चे को समय से पहले ही अस्पताल प्रबंधन की ओर से दूसरे विभाग में स्थानान्तरित कर दिया गया।

इस दिन सुबह के समय कूचबिहार सरकारी मेडिकल कालेज में आग लगी की घटना से पूरे शहर में खलबली मच गई। घटना की खबर मिलते ही दमकल की दो इंजन अस्पताल में पहुंची। इधर अस्पताल में अगलगी को लेकर रोगी व उनके परिजनों के बीच आतंक का माहौल देखा गया।

इधर जिलाधिकारी, महकमा शासक सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मेडिकल कालेज पहुंचे। उसके बाद राजनीतिक नेता से लेकर आम लोग की अस्पताल में भीड़ जमा होने लगी। वही जिलाधिकारी ने इस अगलगी की घटना को लेकर जांच कमेटी गठन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हब में मां व बच्चे को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। 

इससे पहले अस्पताल में अगलगी की घटना को लेकर चिकित्सक से लेकर नर्सो को बच्चों को बचाने में काफी तत्परता देखी गई। दमकल के अधिकारी रंजन कुमार दास ने कहा कि आग पर काबू पा लिया गया। हताहत की खबर नहीं है। हालांकि जहां पर आग लगी, उस कमरे में काफी सामानों का नुकसान हुआ है।

 मालूम हो कि चिकित्सा सेवा को विकसित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से नवजात व गर्भवती महिलाओं के लिए इस मेडिकल कालेज में मदर एंड चाइल्ड हब का निर्माण कराया। उत्तर बंगाल में पहला इस हब का शुभारंभ उत्तर बंग विकास मंत्री रवींद्र नाथ घोष ने किया था। 22 फरवरी को कूचबिहार एमजेएन मेडिकल कालेज व अस्पताल के संलग्न इलाके में 'मातृमाÓ नामक इस मदर एंड चाइल्ड हब का शुभारंभ हुआ। चार तल्ले इस बिल्डिंग में केवल कूचबिहार से नहीं, बल्कि अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी सहित अन्य जगहों से लोग यहां इलाज के लिए आते है।  

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