-जाली आई कार्ड लगाकर ब‌र्द्धमान लोकल में कर रहे थे टिकटों की जांच

-संदेह पर पूछताछ के बाद आरपीएफ ने की कार्रवाई, मुकदमा दर्ज

जागरण संवाददाता, हावड़ा : रेलवे का फर्जी आई कार्ड लगाकर बेखौफ होकर ब‌र्द्धमान लोकल में यात्रियों के टिकट की जांच कर राजस्व को चूना लगा रहे 2 फर्जी टिकट परीक्षक को आरपीएफ ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। जीआरपी ने आरोपितों के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सूत्रों के अनुसार मंगलवार को करीब 12 बजे 31151 अप सियालदह-ब‌र्द्धमान लोकल बंडेल के प्लेटफार्म 1ए पर पहुंची थी। चूंकि आदीसप्त ग्राम में ट्रैफिक ब्लाक चल रहा था इसलिए ट्रेन अपने निर्धारित समय से ज्यादा देर तक खड़ी थी। उसी वक्त प्लेटफार्म पर चेकिंग कर रहे आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार, एएसआइ बासुदेव पासवान तथा कांस्टेबल नीरज कुमार की नजर लोकल ट्रेन के कोच संख्या इआर-4040बी में टिकट की जांच कर रहे दो युवकों पर पड़ी जिन्होंने सफेद शर्ट और काली पेंट पहन रखी थी। संदेह होने पर आरपीएफ ने उनका परिचय पत्र देखा तो पहली नजर में जालसाजी का खुलासा हो गया। आई कार्ड को पूरी तरह से जाली बनाया गया था। टिकट चेकिंग के नाम पर रेलवे के राजस्व को चूना लगा रहे दोनों आरोपितों को हिरासत में ले लिया गया। आरपीएफ पोस्ट कमांडर गुरु प्रसाद ने आरोपितों से पूछताछ शुरू की तो उन्होंने अपने नाम इंद्रजीत दास (27) पुत्र स्व. मृणदुल दास तथा मनोजीत धर (21) पुत्र अशोक धर निवासी उत्तर 24 परगना जिले के बारासात थाना अंतर्गत नवपल्ली बताया। खुलासा किया कि बैरकपुर निवासी सुब्रजीत नामक व्यक्ति ने रेलवे में टिकट परीक्षक के पद पर दोनों की नौकरी लगवाई थी। वे दोनों गत एक माह से सियालदह से कल्याणी और कृष्णानगर रूट पर ट्रेनों में यात्रियों का टिकट चेक करते थे। पहली बार वे नैहट्टी से बंडेल तक लोकल में टिकट चेकिंग के लिए चढ़े थे। हालांकि आरोपित युवक फर्जी नियुक्ति करवाने वाले का पता नहीं बता सके। आरपीएफ को उनके पास से 21 से 29 मई तक के ट्रेनों के नंबर व समय की शीड भी मिली है। आरोपितों से जब्त किए गए परिचय पत्र संख्या 25487123 में ग्रेड सी सुपरवाइजर तथा विभाग मैकेनिकल लिखा हुआ था जबकि हस्ताक्षर में सहायक सचिव भर्ती बोर्ड मुख्य कारखाना प्रबंधक तथा दूसरे आइ कार्ड संख्या 25487756 में भी ग्रेड सी सुपरवाइजर, विभाग मैकेनिकल जबकि हस्ताक्षर में सहायक कार्मिक अधिकारी पूर्व रेलवे सियालदह डिवीजन लिखा हुआ था, जो पूरी तरह से जाली था। बंडेल जीआरपी ने देर रात आरोपितों के खिलाफ 419, 420,471 आइपीसी तथा 34 में मुकदमा दर्ज किया है। उधर, आरपीएफ ने रेलवे में नियुक्ति कराने के नाम पर युवकों को ठगने वाले सुब्रजीत की तलाश शुरू कर दी है।

Posted By: Jagran

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