कोलकाता, राज्य ब्यूरो। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने रविवार को कहा कि भारत अब 1962 से काफी आगे निकल चुका है जब देश ने चीन के साथ युद्ध किया था और आज हर क्षेत्र में अपने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि देश के सभी कोनों जमीन, समुद्र और हवा को प्रभावी ढंग से सुरक्षित किया गया है। उन्होंने किसी देश का नाम लिए बिना कहा, 'हम हर क्षेत्र में अपने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं। कभी '62' था और अब हम आज हैं। 1962 के चीन-भारत युद्ध में असफलताओं का सामना करने वाली भारतीय सेना ने हाल के वर्षों में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के साथ कई मौकों पर आमना-सामना किया है। भट्ट कोलकाता में रक्षा पीएसयू गार्डनरीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसइ) द्वारा भारतीय नौसेना के लिए निर्मित स्वदेशी सर्वेक्षण पोत संध्यक के लांचिंग के अवसर पर यहां बोल रहे थे।

ये सर्वेक्षण पोत तटीय और गहरे पानी के हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण और नौवहन चैनलों और मार्गों के निर्धारण में सक्षम होगा। इसके अलावा, ये जहाज समुद्री सीमाओं का सर्वेक्षण कर सकते हैं और रक्षा संबंधी जरूरतों के लिए समुद्र संबंधी और भौगोलिक डेटा का संग्रह कर सकते हैं। भट्ट ने कहा कि चाहे थल सेना हो, वायुसेना हो या नौसेना, वे सभी चौबीसों घंटे सतर्क रहते हैं और देश की सीमाएं उनके हाथों में सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और देश की जनता हमेशा उनके साथ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के हिस्से के रूप में सरकार ने देश के युवाओं के लिए उच्च रोजगार पैदा करने और उत्पादों के अधिक स्थानीयकरण के लिए एक समर्पित रक्षा उत्पादन गलियारे की कल्पना की है। उन्होंने कहा कि देशभर के विभिन्न शिपयार्ड में इस समय भारतीय नौसेना के लिए 39 युद्धपोत और पनडुब्बियां निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं।

Edited By: Babita Kashyap