जागरण संवाददाता, मालदा : एक ओर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पार्टी में व्याप्त गुटबाजी को खत्म कर नए सिरे से जिला व ग्राम स्तर पर पार्टी को मजबूर करने की अपील कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय नेता अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं और इसका खामियाजा आखिरकार पार्टी को भुगतना पड़ रहा है। ताजा मामला मालदा का है, जहां जिला अध्यक्ष मौसम बेनजीर नूर के घर के सामने तृणमूल कार्यकर्ताओं व स्थानीय नेताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। मौसम नूर का विरोध कर रहे तृणमूल कर्मियों का आरोप है कि वे पार्टी के पुराने लोगों को दरकिनार कर अपने लोगों को विभिन्न पदों पर नियुक्त कर रही हैं यानी मालदा में नए बनाम पुराने तृणमूल कर्मियों के बीच जंग जैसे हालात है। वहीं मालदा के कोतवाली इलाके में विरोध प्रदर्शन कर रहे पुराने तृणमूल कर्मियों ने आरोप लगाया कि मौसम नूर पूर्व कांग्रेसी नेताओं को पार्टी में शामिल कर तृणमूल कर्मियों को किनारे लगा रही हैं ताकि उनका कोई विरोध न कर सके। हालांकि विरोध केवल पार्टी कर्मी ही नहीं, बल्कि स्थानीय नेता व पूर्व मंत्री भी कर रही हैं। राज्य की पूर्व मंत्री सावित्री मित्र ने कहा कि हम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी में आस्था रखते हैं लेकिन बेनजीर पार्टी को तोड़ने पर उतारू हैं। वही मोतबाड़ी के तृणमूल नेता नजरुल इस्लाम ने तृणमूल जिला अध्यक्ष पर भाई-भतीजावाद की सियासत करने का आरोप लगाया। इधर, मालदा जिला तृणमूल के महासचिव हेमंत शर्मा ने कहा कि इंग्लिश बाजार के केवल दो ग्रामीण व शहरी ब्लॉकों की घोषणा फिलहाल नहीं हुई है और उम्मीद है कि दो दिनों के भीतर इन दो समितियों का भी गठन कर दिया जाएगा। हालांकि मौसम नूर ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, वे उसका पूरी ईमानदारी से निवर्हन कर रही हैं।

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Posted By: Jagran