जागरण संवाददाता, कोलकाता : बंद बीमा पॉलिसी की राशि वापस दिलाने के नाम पर फर्जी कंपनी खोल कर अनगिनत लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने के आरोप में विधाननगर साइबर अपराध शाखा ने सॉल्टलेक के सेक्टर-5 से 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। इनमें से मुख्य तीन आरोपितों के नाम राजेश कुमार साहू, देवाशीष देवनाथ और कृषाणू ऋषि दास। तीनों आरसीडीके नामक कंपनी के निदेशक बताए जा रहे हैं, जिसकी आड़ में लोगों से ठगी की जा रही थी। पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर पता लगाने में जुटी है कि ठगी के इस गोरख धंधे में कहां-कहां और कितने लोग शामिल है।

जानकारी के मुताबिक साल 2018 के जून में गिरिश पार्क की रहने वाली 73 वर्षीय एक महिला ने सबसे पहले विधाननगर साइबर अपराध शाखा में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि 2018 के मार्च में ही आरसीडीके कंपनी की ओर से फोन कर पूछा गया कि उनका कोई बंद पॉलिसी तो नहीं है, जिसमें उनका पैसा फंसा हुआ है और वो निकाल नहीं पा रही हैं। महिला ने हामी भरी। इसके बाद उनके घर एक युवक पहुंचा और फंसे पैसे वापस दिलाने का वादा किया। वह महिला को सेक्टर-5 स्थित दफ्तर में भी ले गया। वहां बार-बार फंसे पैसे वापस दिलाने का वादा किया गया। यही नहीं, उनके दिव्यांग बेटे के नाम से 40 लाख रुपये के जबरन इंश्योरेंस पॉलिसी भी कर दिया गया। बदले में पैसे भी वसूले गए। इसके बाद ही महिला विधाननगर साइबर अपराध शाखा पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। आरोप के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और एक वर्ष बाद यानी 2019 के अक्टूबर में सफलता भी मिली। पुलिस ने सोमवार की शाम सेक्टर-5 स्थित आरसीडीके कंपनी में छापामारी कर तीन निदेशक और तीन महिलाएं समेत 16 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस