जागरण संवाददाता, खड़गपुर : पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत विभिन्न भागों में स्थित करीब तीन सौ स्कूलों को मिड डे मील का हिसाब देने को जवाब तलब किया है। इस बाबत स्कूल प्रबंधनों को नोटिस भेजा गया है।

जानकारी के मुताबिक प्रतिदिन स्कूलों में जो मिड डे मील तैयार होता है उसका हिसाब मैसेज के माध्यम से जिला प्रशासन को भेजा जाता है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक अक्सर स्कूलों की ओर से इस मामले में लापरवाही बरती जाती है। विगत अगस्त में जिले के तीन सौ से अधिक स्कूलों ने हिसाब के विवरण का मैसेज शासन को नहीं भेजा। इस पर विगत 6 सितंबर को जिला प्रशासन की ओर से समस्त जिम्मेदार अधिकारियों को पत्र भेज कर स्पष्टीकरण मांगा गया है कि यदि मैसेज नहीं भेजा गया तो क्या यह माना जाए कि इस महीने उन स्कूलों में मिड डे मील तैयार नहीं हुआ। इस नोटिस से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। विभिन्न स्कूल प्रशासन का कहना है कि कभी तकनीकी गड़बड़ी से मैसेज भेजना संभव नहीं हो पाता तो कई बार प्रधानाध्यापक मैसेज भेजना भूल जाते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मैसेज नहीं भेजा गया तो स्कूलों में मिड डे मील बना ही नहीं। वहीं प्रशासनिक महकमे में चर्चा है कि मिड डे मील के तहत हर स्कूल में कितने बच्चों ने खाना खाया और कितनों ने नहीं खाया। यही नहीं खाने के मेनू क्या था, यह सब विवरण मैसेज के माध्यम से शासन के पोर्टल पर भेजना जरूरी है। इस पर कोई खर्च भी नहीं आता। फिर पूरे महीने मैसेज नहीं भेजने का मतलब क्या है। लिहाजा दोषियों को स्पष्टीकरण तो देना ही पड़ेगा। वहीं मामले को गंभीर करार देते हुए संबंधित विभागों के शासकीय अधिकारी इस पर कुछ कहने को तैयार नहीं है। जिलाधिकारी पी. मोहन गांधी ने सिर्फ इतना कहा कि वे मामले की पूरी जानकारी लेने के बाद ही कुछ कह पाएंगे।

Posted By: Jagran

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