जागरण संवाददाता, जलपाईगुड़ी: उत्तर पूर्व भारत में आवाजाही के लिए तीस्ता पुल को महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। इस पुल पर जिले के हजारों लोग यातायात के लिए निर्भर रहते हैं। कोलकाता के माझेरहाट पुल टूटने के बाद अब तीस्ता पुल को लेकर भी लोग सवाल खड़े करने लगे हैं। स्थानीय लोगों की माने तो वर्ष 1965 में तीस्ता पुल का निर्माण कराया गया था। लेकिन उचित रख रखाव नहीं हो पा रही है। पुल काफी कमजोर हो चुका है। पुल के निचले हिस्से में पौधे लग गए हैं। विभागीय अधिकारियों द्वारा काफी दिनों से किसी प्रकार का मरम्मत नहीं कराया गया है। 27 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग में उक्त पुल को उत्तर पूर्व भारत को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण माध्यमों में से एक माना जाता है। अगर पुल को लेकर जल्द कोई आवश्यक कदम नहीं उठाया गया तो माझेरहाट जैसी घटनाएं हो सकती है। तीस्ता ब्रिज टूटने पर केंद्र व राज्य सरकार को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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