- एक वर्ष से बंद मुजनाई चाय बागान के श्रमिकों ने सरकार से लगाई मदद की गुहार, बच्चे नहीं कर पा रहे पढ़ाई

संवाद सूत्र, वीरपाड़ा: सहायता नहीं चाहिए, सरकार उनलोगों का बागान खोलने की व्यवस्था कर दें। वे लोग किसी मेहरबानी से नहीं बल्कि काम करके बचना चाहते हैं। उक्त बातें डुवार्स के बंद मुजनाई चाय बागान के श्रमिकों ने कही है। गत 25 दिसंबर 2018 को बागान बंद हो गया था। 26 दिसंबर को सुबह पहुंचते ही श्रमिकों ने देखा की बागान गेट पर ताला लटका हुआ है। रविवार को बंद चाय बागान के श्रमिकों को अलीपुरद्वार जिला पुलिस की तरफ से कंबल दिया गया। इस दौरान श्रमिक मंजू गौड़, काली लोहार, आशालता खरिया, रंजती मुंडा ने कहा कि उनलोगों को किसी की सहायता नहीं चाहिए। सरकार द्वारा बागान खोलने का बंदोबस्त किया जाए। मुजनाई चाय बागान के निवासी व एनजीओ के सदस्य कृष्णा छेत्री ने कहा कि इस प्रकार बागान श्रमिक कितने दिनों तक बच सकते हैं। एक वर्ष से बागान बंद पड़ा है, लेकिन खोलने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाये जा रहे हैं। परिवार चलाने के लिए श्रमिकों को बिन्नागुड़ी चाय बागान, डायना चाय बागान, कालचीनी चाय बागान, गेंद्रापाड़ा चाय बागान में काम करना पड़ रहा था। लेकिन ठंड के मौसम में चाय के पौधों में पत्ती न होने के कारण श्रमिक काम नहीं कर पा रहे हैं। अभाव के कारण श्रमिक के बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। स्कूल जाने के लिए भी प्रतिदिन 40 से 60 रुपये खर्च होता था। अब बागान बंद होने के कारण श्रमिक के बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। अब हजारों श्रमिक प्रशासन पर ही अपनी उम्मीदें लगाए बैठे हैं।

Posted By: Jagran

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