- जलपाईगुड़ी में माकपा समर्थकों व ट्रैफिक पुलिस में बहस, वाहनों से यात्रियों को उतारा गया जेएनएन, जलपाईगुड़ी/वीरपाड़ा/बानरहाट: पेट्रोल-डीजल व मंहगाई के विरोध में कांग्रेस व वाममोर्चा द्वारा बुलाई गई बंद का जलपाईगुड़ी व आसपास के इलाकों में मिश्रित प्रभाव पड़ा। जबकि लोग दुकान व बाजार बंद होने का मुख्य कारण बारिश को बता रहे थे। सुबह से माकपा व कांग्रेस समर्थकों को बंद के समर्थन में कोई रैली निकालते नहीं देखा गया। बारिश के चलते सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा। दुकान, बाजार व पेट्रोल पंप भी बंद था। बारिश कम होते ही माकपा समर्थक झंडा लेकर सड़क पर उतर गए। इस दौरान जलपाईगुड़ी के बेगुनटारी मोड़ इलाके में माकपा समर्थक ट्रैफिक पुलिस से उलझ गए। टोटो से यात्रियों को उतार दिया गया। सरकारी बस से भी यात्रियों व चालकों को नीचे उतार दिया गया। इस दिन स्कूल-कॉलेज व प्राइवेट स्कूल भी बंद ही देखा गया। चाय बागान में भी बंद का मिश्र प्रभाव पड़ा। सरकारी कार्यालय खुले हुए थे। निजी बस सेवा को बंद रखा गया था। बारिश हो या बंद के कारण ही सही यात्रियों की संख्या दूसरे दिन के तुलना में कम थी।

वीरपाड़ा संवाद सूत्र के अनुसार पेट्रोलियम पदार्थ के दामों में बढ़ोतरी के खिलाफ वाममोर्चा व कांग्रेस द्वारा बुलाए गए बंद का वीरपाड़ा में कोई प्रभाव नहीं पड़ा। दुकान व बाजार खुली रही। सड़क पर वाहनों की संख्या भी सामान्य रही। लेकिन लोगों की संख्या कम रही। चाय बागानों में सामान्य दिनों की तरह ही श्रमिकों ने काम किया। विभिन्न स्कूल व सरकारी कार्यालय के बाहर कांग्रेस का झंडा लगाया गया था। लेकिन बाद में पुलिस व सरकारी कर्मचारियों की मदद से उसे खोल दिया गया।

बानरहाट संवाद सूत्र के अनुसार यहां भी बंद का मिश्रित प्रभाव पड़ा। बानरहाट में अधिकांश दुकानें बंद रही। बड़े वाहनों की संख्या कम जरूर थी, लेकिन छोटे गाड़ियों की आवाजाही सामान्य रही। बानरहाट हिन्दी कॉलेज भी खुला था, लेकिन छात्रों की संख्या काफी कम नजर आई। बानरहाट व बिन्नागुड़ी के चाय बागानों में श्रमिकों ने दूसरे दिनों की तरह ही काम किया। बिन्नागुड़ी में दुकानें खुली रही। स्टेट बैंक व पोस्ट ऑफिस भी बंद रही।

Posted By: Jagran