जागरण संवाददाता, जलपाईगुड़ी: कॉलेज के प्राचार्य राजा की भूमिका निभा रहे हैं। कॉलेज में एकतरफा राज तंत्र चल रहा है। कॉलेज के प्राध्यापकों और शिक्षाकर्मियों ने प्राचार्य पर कई आरोप लगाकर कॉलेज में धरना दिया। जलपाईगुड़ी आनंद चंद्र कॉमर्स कॉलेज के प्राचार्य को हटाने की माग को लेकर आदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। जलपाईगुड़ी आनंद चंद्र कॉमर्स कॉलेज के कुछ प्रोफेसरों और शिक्षाकर्मियों ने प्राचार्य के इस्तीफे की माग को लेकर कॉलेज परिसर के अंदर रैली निकाली। कॉलेज में प्रदर्शन करते हुए प्रिंसिपल को तत्काल हटाने की माग की।

कॉलेज के हेड क्लर्क राजीव चौधरी ने आरोप लगाया कि प्राचार्य कॉलेज की प्रबंधन समिति को सूचित किए बिना अपनी मर्जी से काम कर रहे हैं। साथ ही केंद्र सरकार पर पैसे के गबन का भी आरोप लगाया। कॉलेज में 29 साल की सेवा के बाद वह 2020 में सेवानिवृत्त हुए। रिटायर्ड प्रोफेसर सुनील की पेंशन रोक दी गई और प्राचार्य ने बिना प्रबंधन समिति को बताए उनके नाम से थाने में शिकायत की। राजीव चौधरी ने आगे शिकायत कि, उनलोगों की एकमात्र माग प्राचार्य का इस्तीफा है। वह कई भ्रष्टाचार और पैसों की हेराफेरी में लिप्त हैं।

वहीं उक्त मामले को लेकर कॉलेज के प्राचार्य सिद्धार्थ सरकार ने कहा कि मेरे नाम से जो पैसा आता है वह मेरे प्रोजेक्ट का है। मेरे पास सारे खाते हैं। मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रबंधन समिति ने शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया है। सुनील जी के नाम पर उनपर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। पेंशन राज्य सरकार द्वारा दी जाती है। मैं भुगतान नहीं करता हूं।

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