- कांग्रेस ने लगाया पंचायत सदस्यों के अपहरण का आरोप

- नए प्रधान बनी कांग्रेस सदस्य ने आरोपों से किया इंकार

संवाद सूत्र, जयगांव: कालचीनी ब्लॉक के मेंदाबाड़ी ग्राम पंचायत के दो सदस्यों के अपहरण होने की बात सामने आते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। लेकिन भारी संख्या में तैनात पुलिस ने कांग्रेस समर्थकों को कार्यालय से हटाया। इस हंगामे के बीच ही तृणमूल कांग्रेस ने बोर्ड गठन कर लिया।

इधर, कांग्रेस नेता अभिजीत नाजिनरी ने बताया कि बीते बुधवार को कांग्रेस के दो पंचायत सदस्य मोना रावा व श्यामल रावा को तृणमूल के बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। धमकी देकर बोर्ड गठन के दौरान तृणमूल को समर्थन देने के लिए दबाव बनाया गया। वहीं कांग्रेस से तृणमूल में शामिल होने वाली मोना रावा को प्रधान बनाया गया है। उन्होंने अपने अपहरण की बात को गलत बताया। वह अपने मर्जी से तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुई है। उनपर किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया गया।

पिठासीन अधिकारी नरेंद्र चक्रवर्ती ने कहा कि 11 सदस्यों वाले ग्राम पंचायत में सर्वसम्मति से मोना रावा को प्रधान बनाया गया है। वहीं दूसरी ओर उप प्रधान के पद के वोटिंग हुई। इसमें 06 वोट मिलने वाले चंदरा नाजिनरी को को उप प्रधान बनाया गया।

ज्ञातव्य है कि कुल 11 सीटों वाली ग्राम पंचायत में कांग्रेस को 07 व तृणमूल कांग्रेस को 04 सीटों पर जीत मिली थी। गत 27 अगस्त को मेंदाबाड़ी ग्राम पंचायत में पिठासीन अधिकारी के समय पर न पहुंचने पर बोर्ड गठन की प्रक्रिया प्रशासन द्वारा स्थगित कर दी गई थी। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया था। इसके बाद नई तिथि के अनुसार गुरुवार को बोर्ड गठन प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस के दो पंचायत सदस्य के शामिल होने से तृणमूल के 06 सदस्य हो गए और उनलोगों ने बोर्ड गठन किया।

Posted By: Jagran