- मेंदाबाड़ी में बोर्ड गठन नहीं होने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा

संवाद सूत्र, जयगांव: कालचीनी ब्लॉक के अंर्तगत कुल ग्यारह ग्राम पंचायत में सोमवार को मलंगी, राजाभातखावा ग्राम पंचायत में बोर्ड गठन हो गया। इसमें मलंगी व राजाभातखावा ग्राम पंचायत में तृणमूल कांग्रेस ने कब्जा किया। लेकिन मेंदाबाड़ी ग्राम पंचायत में पिठासीन अधिकारी के समय पर न पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। मेंदाबाड़ी ग्राम पंचायत में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी है। बोर्ड गठन न हो पाने के चलते ही कांग्रेस कर्मियों ने हंगामा शुरू कर दिया।

पार्टी सदस्यों ने कहा कि मेंदाबाड़ी ग्राम पंचायत में कांग्रेस का बोर्ड गठन होना था, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के लोगों ने पिठासीन अघिकारी को बीच रास्ते से ही वापस लौटा दिया। कांग्रेस नेता अभिजीत नाजिनरी ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि प्रशासन भी सत्ताधारी पार्टी को समर्थन दे रही है। उक्त घटना के बारे में बीडीओ व डीएम से शिकायत की गई है। अगर इसका कोई हल नहीं निकाला गया तो पार्टी की ओर से जोरदार आंदोलन की चेतावनी दी गई है। वहीं दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों को बिल्कुल गलत बताया है। तृणमूल कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष बबलू मजूमदार ने कहा कि मलंगी व राजाभातखावा में तृणमूल ने बोर्ड गठन किया है। मंलगी ग्राम पंचायत में आरएसपी के दो सदस्यों ने भी तृणमूल को समर्थन दिया। यहां रुबी रजक को प्रधान बनाया गया है। साथ ही बोर्ड गठन में समर्थन देन वाले साधु लोहार को उपप्रधान बनाया गया है। वहीं राजाभातखावा में बॉबी लामा को प्रधान व मीना रावा को उपप्रधान बनाया गया है।

कालचीनी के बीडीओ लेंडुप छोदेन शेरपा ने बताया कि मलंगी व राजाभातखावा में शांतिपूर्ण तरीके से बोर्ड गठन की प्रक्रिया संपन्न हुई है। लेकिन मेंदाबाड़ी में कुछ लोगों द्वारा पिठासीन अधिकारी को रोके जाने के कारण बोर्ड गठन प्रक्रिया पूरी न हो सकी है। उक्त मामले की जांच की जा रही है। इसकी जानकारी डीएम को भी दे दी गई है। अब डीएम द्वारा जारी करने वाले तारीख पर दुबारा बोर्ड गठन की प्रक्रिया पूरी होगी।

Posted By: Jagran