- ब्लॉक के दो ग्राम पंचायत में तृणमूल कांग्रेस का कब्जा

- बोर्ड प्रक्रिया शांतिपूर्ण, पहले से ही लगाया गया था धारा-144: एसडीओ

संवाद सूत्र, नागराकाटा: अकेले पार्टी को बहुमत न होने के बाद भी नागराकाटा ब्लॉक के दो ग्राम पंचायत में तृणमूल कांग्रेस ने बोर्ड गठन किया। आंगराभाषा दो नंबर ग्राम पंचायत में बोर्ड गठन की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ही समाप्त हुई। लेकिन दूसरी ओर आंगराभाषा एक नंबर ग्राम पंचायत में बोर्ड गठन को लेकर काफी तनाव का माहौल देखा गया। यहां तृणमूल कांग्रेस व माकपा समर्थकों में जमकर मारपीट हुई। दोनों पक्षों के कई समर्थक घायल भी हुए। हालात पर काबू पाने के लिए काफी संख्या में पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। माकपा का आरोप है कि उनके दो विजयी सदस्यों को बोर्ड गठन प्रक्रिया के दौरान कार्यालय के भीतर घुसने नहीं दिया। लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने उक्त आरोपों को बिल्कुल बेबुनियाद व गलत बताया है।

आंगराभाषा एक नंबर ग्राम पंचायत के कुल सात सीटों में माकपा को 04 व तृणमूल कांग्रेस को 03 सीटों पर जीत मिली थी। लेकिन माकपा की ओर से किसी के मौजूद न होने पर उक्त दोनों पदों पर तृणमूल कांग्रेस का कब्जा हो गया। इसलिये बिना मतदान के लिए ही लिपिका राय को प्रधान व कृष्ण बहादुर प्रधान को उप्रधान बनाया गया।

माकपा नेता भक्ते बहादुर छेत्री ने कहा कि तृणमूल बाहर से लोगों को बुलाकर उनके चार निर्वाचित सदस्यों को बोर्ड प्रक्रिया के दौरान घुसने नहीं दिया गया। इसके अलावा शारीरिक रूप से भी हमला किया। इसमें 10 से 15 पार्टी कार्यकर्ता घायल हुए हैं। वहीं तृणमूल कांग्रेस के नागराकाटा ब्लॉक कमेटी के अध्यक्ष अमरनाथ झा ने कहा कि किसी को बाधा दिए बिना ही बोर्ड गठन हुआ है। माकपा पहले ही बोर्ड गठन प्रक्रिया का बहिष्कार कर चुके थे। उल्टा माकपा समर्थकों के हमले में करीब 25 तृणमूल सदस्य घायल हुए हैं।

दूसरी ओर त्रिशंकु होने के बाद भी आंगराभाषा दो नंबर ग्राम पंचायत में तृणमूल ने आसानी से बोर्ड गठन कर लिया। यहां किसी प्रकार की अशांति नहीं हुई। इस ग्राम पंचायत के कुल 12 सीटों में तृणमूल को 06, भाजपा को 05 व माकपा को 01 सीटों पर विजयी मिली थी। बोर्ड गठन के दौरान माकपा के एकमात्र विजयी सदस्य जयदेव दास ने तृणमूल कांग्रेस को अपना समर्थन दिया। उन्हें उपप्रधान बनाया गया है। वहीं माम्पी राय को प्रधान बनाया गया है।

मालबाजार के एसडीओ सियाद एन ने कहा कि बोर्ड गठन के दौरान किसी प्रकार की बड़ी अशांति नहीं हुई है। बीडीओ के रिपोर्ट के आधार पर पहले से ही 144 धारा लगाया गया था।

Posted By: Jagran