किन्नरों के जरिये भारत विरोधी साजिश में जुटा पाकिस्तान, बंगाल से हथियार और बांग्लादेशी सिम के साथ एक गिरफ्तार
जलपाईगुड़ी में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े होने के आरोप में एक किन्नर पिपासा को गिरफ्तार किया गया है। छापेमारी में हथियार, कारतूस और बांग्लादेशी सिम कार्ड बरामद हुए।

भारत विरोधी गतिविधियों में किन्नर गुरुमां पिपासा गिरफ्तार
HighLights
जलपाईगुड़ी में किन्नर गुरुमां पिपासा ISI लिंक में गिरफ्तार।
छापेमारी में हथियार, कारतूस, बांग्लादेशी सिम कार्ड बरामद।
ISI द्वारा बंगाल में भारत विरोधी गतिविधियों का खुलासा।
जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी/जलपाईगुड़ी । पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ ने बंगाल में भारत विरोधी गतिविधियों को संचालित करने के लिए अब किन्नरों पर दांव खेला है। इसका खुलासा तब हुआ जब जलपाईगुड़ी जिले से एक किन्नर की गिरफ्तारी हुई।
गुरुवार तड़के उत्तर रायकतपाड़ा स्थित किन्नरों के गढ़ में कई घंटे तक चली तलाशी के दौरान दो आग्नेयास्त्र, तीन राउंड कारतूस, दो मैगजीन और कई बांग्लादेशी सिम कार्ड बरामद किए गए।
पुलिस ने मौके से किन्नर गुरुमां पिपासा को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां अब उसके बांग्लादेश और पाकिस्तान से संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस और बीएसएफ ने संयुक्त रूप से किन्नरों के गढ़ पर छापेमारी की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपित किन्नर पिपासा बांग्लादेशी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर नियमित रूप से बांग्लादेश और पाकिस्तान फोन करती थी। हाल ही में उसके पाकिस्तान जाने की भी जानकारी सामने आई है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसका किसी तस्करी गिरोह अथवा अन्य संदिग्ध नेटवर्क से कोई संबंध है या नहीं।
बताया गया कि इस इलाके में पुलिस को कई तरह की शिकायतें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचनाएं मिल रही थीं। इसी आधार पर गुरुवार सुबह बीएसएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। जांच में यह भी पता चला है कि पिछले दिनों 35 बांग्लादेशी किन्नर भी इस इलाके में पहुंचे थे।
वे यहां क्यों आए थे और उनके आने का उद्देश्य क्या था, इसकी भी जांच की जा रही है। जलपाईगुड़ी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीनिवास एमपी ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर बीएसएफ और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। पिपासा को वाकरगंज-उत्तर रायचकतपाड़ा इलाके से गिरफ्तार किया गया है।
पाकिस्तानी जासूस के आरोप में पहले ही कई गिरफ्तार
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में कूचबिहार समेत उत्तर बंगाल के विभिन्न इलाकों से पाकिस्तानी जासूस होने के संदेह में कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में इनके पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ से संपर्क के सुराग मिले हैं।
आरोप है कि ये लोग अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर सिम कार्ड हासिल कर उन्हें आइएसआइ तक पहुंचाते थे। इसके बाद पाकिस्तान में बैठे लोग ओटीपी के माध्यम से सिम को सक्रिय करते थे। जांच एजेंसियों को आशंका है कि सक्रिय सिम के जरिए संवेदनशील सूचनाएं सीमा पार पहुंचाई जा रही थीं।
मंत्री ने अपनाया कड़ा रुख
इस मामले में राज्य के परिवहन एवं वित्त राज्य मंत्री आनंदमय बर्मन ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने गुरुवार को जलपाईगुड़ी जिला भाजपा कार्यालय में कहा कि सरकार इस मामले में सख्त कदम उठाएगी और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि देश विरोधी गतिविधियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा और इस मामले में जीरो टालरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जलपाईगुड़ी जैसे सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
