- कटिहार और अलीपुरद्वार डिवीजन के रेल कर्मी जांच में शामिल, जल्द ही सौंपी जाएगी रिपोर्ट

जागरण संवाददाता, जलपाईगुड़ी: मयनागुड़ी के दोमहनी में हुए बिकानेर गुवाहाटी एक्सप्रेस हादसे के बाद जांच के लिए 65 रेल कर्मियों को बुलाया गया है। एनएफ रेलवे कटिहार डिवीजन और अलीपुरद्वार डिवीजन के रेल कर्मियों ने पूछताछ की जा रही है। लापरवाही कहां से हुई, इसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है। अलीपुरद्वार डिवीजन को हेडक्वार्टर बनाकर जांच की जा रही है। कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी लतिफ खान के नेतृत्व में जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत एक के बाद 65 रेल कर्मियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। बिकानेर गुवाहाटी एक्सप्रेस का इंजन किस शेड से निकला था, इंजन की आखिरी जांच कहां हुई थी, किसने इंजन चालने की मंजूरी दी थी, चालक को इंजन की समस्या का कब पता चला, प्वाइंट मैन और गेट मैन के पर्यवेक्षण में कौन थे समेत कई सवालों को जानने की कोशिश की गई। जांच के लिए हावड़ा से कार शेड इंजीनियर को बुलाया गया है। ट्रेन चालक से प्रतिदिन पूछताछ की जा रही है। जल्द ही रेलवे को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। वहीं जांच को ध्यान में रखकर दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन के इंजन को अलीपुरद्वार ले जाया गया है।

सूत्रों की माने तो गत 13 जनवरी को बिकानेर-गुवाहाटी एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले कटिहार डिवीजन के न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से चालक को बदला गया था। प्रदीप कुमार यादव एनजेपी से ट्रेन चलाना शुरू किया। लेकिन कुछ दूर चलाने के बाद ही उन्हें इंजन में समस्या दिखी। इस बारे में चालक ने जलपाईगुड़ी रोड स्टेशन के स्टेशन मास्टर को दी। इसके बावजूद ट्रेन को आगे क्यों चलाया गया, इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं। अलीपुरद्वार डिवीजनल रेलवे मैनेजर दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि फिलहाल जांच को ध्यान में रखकर कुछ भी बोल पाना संभव नहीं है। पूछताछ के लिए अलीपुरद्वार डिवीजन के 65 रेलवे कर्मियों को बुलाया गया है। सीआरएस पूरे मामले की जांच कर रही है। गौरतलब कि गत 13 तारीख को बिकानेर से गुवाहाटी जा रही ट्रेन की 12 बोगी बेपटरी हो गई थी। इसमें कुल 9 यात्रियों की जान चली गई थी। वहीं 42 यात्री घायल हुए थे।

Edited By: Jagran