- सोमवार को धुपगुड़ी अस्पताल से दो एंबुलेंस ले जाएगी संस्था

- स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा आपस में बैठकर समस्या का हल निकाला जाए

संवाद सूत्र, धुपगुड़ी: निजी एंबुलेंस चालकों से परेशान होकर मजबूरन धुपगुड़ी से राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित 'निश्चययान' परिसेवा को बंद होने वाली है। आगामी सोमवार को धुपगुड़ी ग्रामीण अस्पताल से दो एंबुलेंस को हटा लिया जाएगा। ज्ञातव्य है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत उक्त एंबुलेंस के द्वारा गर्भवती महिलाओं व बच्चों को नि:शुल्क परिसेवा दी जा रही थी। इसी वर्ष ही एक निजी संस्था के माध्यम से ये एंबुलेंस परिसेवा शुरू की गई थी। गत फरवरी महीने में पूरे राज्य के साथ धुपगुड़ी को भी आधुनिक सुविधाओं से लैस दो एंबुलेंस दी गई। 102 नंबर पर फोन करने पर ही गर्भवती महिलाओं व बच्चों के लिए वाहन घर पर पहुंच जाती थी। लेकिन पिछले कुछ समय से निजी एंबुलेंस चालकों के कारण संस्था को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। कई बार सभा व बैठक की गई लेकिन कोई हल नहीं निकला। इससे नि:शुल्क परिसेवा दे रही संस्था को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। क्योंकि परिसेवा के आधार पर ही सरकार की ओर से फंड आवंटित किया जाता था। इससे पहले निश्चययान के चालक को शारीरिक रूप से अपमानित करने का मामला भी प्रकाश में आया था।

निजी एंबुलेंस चालकों के मालिक संगठन की ओर से तपन नंदी ने कहा कि निश्चययान के चालकों को किसी प्रकार से अपमानित व धमकी नहीं दिया गया है। अगर इस प्रकार की कोई शिकायत मिलती है तो उनलोगों पर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।

दूसरी ओर निश्चययान के काम को देख रहे उत्तर बंगाल के अधिकारी कल्लोल कांति ने कहा कि स्थानीय एंबुलेंस मालिक संगठन ने उनलोगों की समस्याओं को कभी नहीं समझा। अगर कोई आशाकर्मी 102 नंबर पर फोन करना चाहती थी तो उन्हें धमकियां दी जाती थी। इसका प्रमाण भी उनलोगों के पास है। उक्त समस्याओं के बाद भी कोई हल नहीं निकाला गया। ये काफी दुर्भाग्य की बात है कि पूरे उत्तर बंगाल में 134 व जिले में 21 निश्चययान चलाई जा रही है, लेकिन कोई समस्या नहीं हुई। केवल धुपगुड़ी में ही बाधाएं आ रही है।

उक्त शिकायतों को लेकर धुपगुड़ी ब्लॉक के स्वास्थ्य अधिकारी डाक्टर सब्यसची मंडल ने कहा कि दोनों पक्षों ने बैठक कर समस्या का हल निकाल लिया था। वे लोग चाहते हैं कि जैसे भी हो बच्चे व गर्भवती महिलाएं एंबुलेंस सेवा से वंचित न हो।

Posted By: Jagran