- धुपगुड़ी के सालबाड़ी इलाके में मवेशी तस्करी संदेह में लोगों ने वाहनों को रोककर की पूछताछ

- स्थानीय लोगों का आरोप : पिछले एक महीने में 20 से अधिक मवेशियों की चोरी

- मामला दर्ज करने के साथ पुलिस पर लगे आरोपों की जांच होगी : पुलिस अधीक्षक

संवादसूत्र, धुपगुड़ी : धुपगुड़ी के सालबाड़ी में शुक्रवार को मवेशी तस्करी की घटना को लेकर इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। हालांकि वहां पर किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं घटी। स्थानीय लोगों ने मवेशी तस्करी के संदेह में कई लोगों को जमकर पीटा। साथ ही उत्तेजित होकर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। पुलिस मौके पर पहुंचकर परिस्थिति को नियंत्रण में लिया एवं इलाके में पुलिस की गस्त बढ़ा दी।

मालूम हो कि इस दिन धुपगुड़ी के सालबाड़ी इलाके में कुछ लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक घायल मवेशी को पड़ा हुआ देखा। तभी वहां पर एक गाड़ी उस मवेशी को उठाने के लिए पहुंचा। लोगों ने उस गाड़ी चालक से पूछा कि यह मवेशी किसका है। चालक ने कहा कि मवेशी गाड़ी से नीचे गिर पड़ा। यह सुनकर लोगों को संदेह हुआ। लोगों ने गाड़ी के सामने जाकर देखा तो गाड़ी में गोबर लगा हुआ था और गाड़ी का नंबर प्लेट गायब था। इसके बाद लोगों ने एक-एक करके तीन गाड़ी को रोका एवं गाड़ी में तलाशी की। जिसमें देखा कि एक मरी गई गाय को प्लास्टिक में लपेट कर रखा हुआ है। यह देखकर लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर आ गया। लोगों ने चालकों की पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई। वही पकड़े गए आरोपियों का कहना है कि लोगों ने उसके साथ मारपीट की।

इस घटना के बाद मवेशी तस्करी रोकने को लेकर स्थानीय लोगों ने धुपगुड़ी फालाकाटा गामी 31 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। परिस्थिति को नियंत्रण करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया। घटनास्थल पर जलपाईगुड़ी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) डेंडुब शेरपा, धुपगुड़ी थाना के आईसी सुवीर कर्मकार मौके पर पहुंचे। लोगों ने पकड़े गए आरोपियों को पुलिस के हाथों सुपुर्द करने से मना कर दिया। लोगों का आरोप है कि धुपगुड़ी गादांग दो ग्राम पंचायत इलाके में लगातार मवेशी चोरी की घटनाएं घट रही है। पिछले एक महीने में 20 से अधिक मवेशियों की चोरी हो चुकी है। थाना में शिकायत किए जाने पर भी पुलिस कोई कदम नहीं उठा रही है। लोगों ने बताया कि इसमें पुलिस के कई कर्मी व अधिकारी इन मवेशी गाड़ियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दे रहे है। पुलिस की मदद से यह सब हो रहा है।

बता दें कि इससे पहले गादंग में ही मवेशी तस्करी संदेह में दो लोगों की पिट पिटकर हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद पुलिस व स्थानीय लोगों की झड़क में कई लोगों के साथ पुलिस अधिकारी भी घायल हुए थे।

इस दिन करीब चार घंटे तक सड़क जाम रहा। लोगों ने समस्या के समाधान के लिए इलाके में पुलिस गस्त बढ़ाने की मांग की। इधर पूरी घटना में अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मवेशियों को चोरी करके लाया गया था या नहीं। धुपगुड़ी पुलिस ने मामले की छानबीन करते हुए तीन लोगों को हिरासत में लिया। जिसमें से दो लोग बिहार के एवं एक दिनहाटा का रहनेवाला है। इधर पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वे लोग मवेशियों को अलीपुरद्वार जिले के सोनापुर इलाके में पहुंचाकर वापस लौट रहे थे। जिसमें एक मवेशी बीमार होने के कारण उसे वापस लेकर आ रहे थे। उनके पास वैध कागजात है। इसके बाद जैसे ही हमलोगों ने मवेशी को गाड़ी में चढ़ाने की कोशिश की, तो लोगों ने पिटाई शुरू कर दी।

इस मामले में जलपाईगुड़ी जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक मोदी ने कहा कि घटना की जांच शुरू हो गई है। निर्दिष्ट शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस पर लगे आरोपों की जांच की जाएगी।

Posted By: Jagran

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