- तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से दूर रखने के लिए तीनों ने मिलकर इंडंग ग्राम पंचायत का बोर्ड गठन किया

संवाद सूत्र, नागराकाटा: केंद्र व राज्य में एक-दूसरे के खिलाफ जमकर बयानबाजी करने व विरोध करने वाली पार्टी पंचायत बोर्ड गठन के लिए एक फिर एक बार एक ही मंच पर आ गई है। मकसद सिर्फ तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से किसी तरह दूर रखना है। बिन्नागुड़ी ग्राम पंचायत के बाद दूसरी बार तृणमूल को पराजित करने के लिए माकपा-कांग्रेस व भाजपा एक साथ आई है। गुरुवार को पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच मेटली ब्लॉक के इंडंग ग्राम पंचायत का बोर्ड गठन करने के लिए तीनों पार्टी एक हो गई। कुल 18 सीटों वाली इंडंग ग्राम पंचायत में तृणमूल कांग्रेस को 07, भाजपा को 05, कांग्रेस को 04 व माकपा को 02 सीटों पर जीत मिली थी। इस दिन प्रधान व उप प्रधान के वोट हुआ। इसमें दोनों पक्षों को ही 9-9 वोट मिले। फिर टॉस हुआ। इसमें दोनों पदों पर ही तृणमूल के उम्मीदवार में खड़े महागठबंधन को जीत मिली। बतादें कि बोर्ड गठन से दो दिन पहले ही भाजपा व कांग्रेस के एक-एक पंचायत सदस्य तृणमूल में शामिल हो गए थे। लेकिन इसके बावजूद तृणमूल बोर्ड गठन नहीं कर पाई। इस दिन भाजपा के राधिक उराव को प्रधान व कांग्रेस के सीनू मुंडा को उप प्रधान चुना गया है।

तृणमूल कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष जोसेफ मुंडा व ब्लॉक अध्यक्ष सोना सरकार ने कहा कि तीनों पार्टी अपने हित व स्वार्थ के लिए एक हुई है। जो पार्टी व उसके समर्थक एक-दूसरे को देखना नहीं चाहते है। आज वे लोग एक हो रहे हैं। ये गठबंधन ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। भविष्य में जनता इसका जवाब देगी। जनता विकास चाहती है। बोर्ड जल्द ही तृणमूल कांग्रेस के कब्जे में होगा।

ज्ञातव्य है कि 1998 से ही इंडंग मटियाली ग्राम पंचायत विरोधी पार्टी के ही कब्जे में रहा है। वर्ष 2008 में ही टॉस के माध्यम से ही कांग्रेस ने बोर्ड गठन किया था।

Posted By: Jagran