- पर्यटन मंत्री व एसजेडीए चेयरमैन स्वप्ना के घर पहुंचकर परिवार वालों को दी बधाई,

-राज्य सरकार से हर संभव मदद का दिया आश्वासन

- एसजेडीए की तरफ से तीन दिनों तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन जागरण संवाददाता, जलपाईगुड़ी : एशियन गेम्स-2018 में स्वप्ना ने हेप्टाथलान में गोल्ड जीतकर पूरे देश का नाम रोशन किया है। इस जीत के साथ ही स्वप्ना के घर व पूरे इलाके के लोगों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है। इस क्रम में गुरुवार को पर्यटन मंत्री गौतम देव, एसजेडीए चेयरमैन सौरभ चक्रवर्ती व जलाईगुड़ी के जिला सभाधिपति नुरजहां बेगम ने स्वप्ना के परिवार वालों से मुलाकात की। स्वप्ना की मां को फुल का गुलदस्ता व मिठाई देकर बधाई दी गई। इस दौरान मंत्री गौतम देव ने अपने मोबाइल पर मुख्यमंत्री के साथ स्वप्ना की मां बासना बर्मन की बात भी कराई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने परिवार का हालचाल जाना। स्वप्ना के खेलकूद के बारे में जानकारी ली। इस दौरान स्वप्ना की मां ने कुछ पाने की इच्छा नहीं जताई। उसकी बेटी ने देश का नाम रोशन किया है। इधर, पर्यटन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से स्वप्ना को हर संभव मदद दी जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ही मंत्री स्वप्ना के घर पहुंचे थे। वहीं एसजेडीए चेयरमैन सौरभ चक्रवर्ती ने कहा कि स्वप्ना की जीत की खुशी पर पूरे जिले में आगामी तीन दिनों तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। एसजेडीए की ओर से स्वप्ना को स्मारक चिन्ह प्रदान किया जाएगा।

ज्ञातव्य है कि जलपाईगुड़ी सदर ब्लॉक के कलियागंज घोषापाड़ा निवासी रिक्शा चालक की बेटी स्वप्ना बर्मन एशियन गेम्स में सोना जीतकर देश का मान बढ़ाया है। रिक्शा चालक पिता पंचानन बर्मन स्ट्रोक के चलते 2013 से बिस्तर पर पड़े हैं। मां बसना बर्मन बागान श्रमिक थी। बिना छत के घर व दो वक्त की रोटी जुगार करना भी परिवार के लिए मुश्किल होता था। घर चलाने की जिम्मेदारी भी स्वप्ना व बड़े भाई असित बर्मन की ही है।

एशियन गेम्स शुरू होने से ठीक पहले स्वप्ना के दांत में चोट लगी थी। बावजूद सपना खेल में अपने प्रदर्शन पर केंद्रीत रहकर सोना जीतकर दिखाई है। 19 दिसंबर 1996 में जन्मी स्वप्ना नौ वर्ष की आयु से खेल रही है। राज्य के हाई जंप का रिकार्ड भी सपना के पास है। 2014 एशियन चैंपियनशिप में स्वप्ना को 5वां स्थान मिला था। 2017 में लंदन में व‌र्ल्ड चैंपियनशिप में 21वें स्थान पर रही थी। 2017 में भूवनेश्वर में एशियन ट्रैक एंड फिल्ड मीट में गोल्ड मेडल पाने में सफल रही थी।

स्वप्ना को पहले विश्वजीत कर ने खेल मैदान दिखाया। फिर उत्तमेश्वर हाई स्कूल के शिक्षक विश्वजीत मजूमदार ने मार्गदर्शन दिया। इसके बाद सुकांत सिन्हा ने प्रशिक्षित किया था।

Posted By: Jagran