- भारतीय पर्यटकों पर प्रति व्यक्ति 1200 रुपये विकास शुल्क लगाने का फैसला, जुलाई 2020 तक लागू हो सकता है नियम - जयगांव समेत पूरे डुआर्स का पर्यटन उद्योग होगा प्रभावित: ट्रैवल एसोसिएशन

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संवाद सूत्र, जयगांव: अब भारतीय पर्यटकों को भूटान में जाना काफी महंगा पर सकता है। भूटान सरकार भारतीय पर्यटकों पर प्रति व्यक्ति 1200 रूपये प्रति दिन विकास शुल्क लगाने का निर्णय ले रही है। फिलहाल भूटान सरकार इस शुल्क को अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों पर लगाए जाने वाले 65 अमेरिकी डॉलर शुल्क की तुलना में काफी सस्ता मान रही है। भूटान प्रसासनिक सूत्र के हवाले से बताया गया है की काफी लम्बे समय से भारतीय पर्यटकों पर प्रति व्यक्ति शुल्क लगाने पर विचार किया जा रहा था। जिसे इस बार भूटान के नेशनल एसेंबली में पारित कर दिया गया है। इस नए नियम को लेकर भूटान के भीतर ही विरोध के सुर सुलगने लगे हैं। भूटान सरकार जुलाई 2020 से इस नए नियम को लागू भी कर सकती है। भूटान सरकार अपने क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में लगातार हो रहे बढ़ोतरी व इससे उत्पन्न हो रही परेशानियों को देखते हुए यह फैसला ले रही है। हालाकी जानकारों का मानना है की प्रति व्यक्ति 1200 रुपये शुल्क लगाने के निर्णय से भूटान में पर्यटकों की संख्या काफी कम हो जाएगी। इससे भूटान सरकार को भारी नुकसान हो सकता है।

जानकर बताते है कि जो भारतीय भूटान पहाड़ की सुंदरता देखने के लिए पहुंचते थे वे इस शुल्क के लागू होने के कारण अब भारत के ही दार्जिलिंग, सिक्किम समेत अन्य पहाड़ी इलाकों में घूमने चले जाएंगे। दूसरी ओर भूटान में पर्यटकों की संख्या कम होने से पूरे डुवार्स के होटल, टैक्सी व दुकानों पर प्रभाव पड़ेगा। पर्यटन उद्योग भी प्रभावित होगा।

जयगांव ट्रैवल वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सूरज ठकरी ने कहा कि भूटान सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णय भारतीय पर्यटन उद्योग के हित में नहीं है। इससे भूटान, जयगांव समेत पूरे डुआर्स पर असर पड़ेगा। नए नियम से तहत प्रति व्यक्ति को 1200 रूपये का शुल्क प्रतिदिन देना होगा। इसके अलावा होटल , वाहन , फूडिंग का अलग खर्च है। अगर एक परिवार पांच दिनों के लिए भूटान घूमने आए तो खर्च लाख रुपये तक पहुंच सकता है। पर्यटकों की माने तो भूटान घूमने के लिए इतना खर्च करने से बेहतर थाईलैंड , बैंकॉक , हांगकांग, श्रीलंका जैसे देश घूमना पसंद करेंगे। उक्त देशों में वीजा फ्री किया जा रहा है। इससे अधिक से अधिक पर्यटक को लाना ही मुख्य लक्ष्य है। भूटान में प्रत्येक वर्ष करीब 2 लाख भारतीय घूमने के लिए आते है। जो नए नियम के कारण काफी हद तक कम हो सकता है।

Posted By: Jagran

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