बेरमो : सूबे के पूर्व ऊर्जा मंत्री सह भाजपा नेता लालचंद महतो ने कहा है कि रैयतों के साथ नाइंसाफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने गैस पाइपलाइन के विस्तारीकरण में गेल कंपनी के कार्यकलापों की आलोचना की। कहा कि बोकारो जिला के चंद्रपुरा एवं नावाडीह प्रखंड की एक दर्जन से अधिक पंचायतों से होकर गैस पाइपलाइन गुजारी जा रही है। पाइपलाइन विस्तारीकरण में 100 फीट चौड़ी जमीन पर गड्ढा खुदाई का काम चल रहा है। उसमें स्थानीय किसानों की खेती योग्य जमीन भी जा रही है, लेकिन किसानों को भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार बाजार भाव से चार गुनी कीमत मुआवजा के रूप में नहीं दी जा रही है। गेल कंपनी जमीन के रैयतों को प्रति डिसमिल महज 6000 रुपये की दर से ही मुआवजा भुगतान कर रही है। उसमें से तत्काल 40 फीसद राशि ही रैयतों को थमाई जा रही है। यह अराजक कार्यसंस्कृति है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन सहित राज्य सरकार भी कहीं न कहीं जिम्मेवार है। जिला प्रशासन को इस दिशा में कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि गैस पाइपलाइन विस्तारीकरण का काम गेल कंपनी को सौंपा है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण का काम राज्य सरकार को करना है। पाइपलाइन विस्तारीकरण के लिए हजारों किसानों की खेती योग्य जमीन भी अधिगृहित की जा रही है।

पूर्व मंत्री महतो ने कहा कि गैस पाइपलाइन विस्तारीकरण में केंद्र व राज्य सरकार के भूमि अधिग्रहण कानून के प्रावधानों की अनदेखी की जा रही है। कहा कि जब कानून में बाजार भाव से चार गुनी कीमत अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा देने का स्पष्ट प्रावधान है, तब प्रति डिसमिल मात्र 6000 रुपये भुगतान किस आधार पर किया जा रहा है। इससे किसानों में काफी रोष है। किसान जब पाइपलाइन बिछाने का विरोध करते हैं तो स्थानीय पुलिस की मदद से गेल कंपनी के लोग रैयतों की जमीन पर जबरन काम करवाते हैं।

इसी साल फरवरी माह में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गोमिया में गैस कले¨क्टग स्टेशन का उद्घाटन किया था।

Posted By: Jagran