- फाइनेंस कंपनी के ईएमआइ कार्ड से की चालीस हजार की ऑनलाइन खरीददारी - पीड़ित कर्मी ने वित्तीय संस्था से की शिकायत, - थाने में चक्कर लगाने के बावजूद भी नहीं दर्ज हुई शिकायत जागरण संवाददाता, दुर्गापुर : दुर्गापुर में साइबर क्राइम की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है। आए दिन साइबर अपराधी किसी न किसी व्यक्ति को चूना लगा रहें है। इस बार साइबर अपराधियों ने दुर्गापुर इस्पातनगरी के आइंस्टीन एवेन्यू निवासी तथा मनोरंजन कुमार को साइबर ठगी का शिकार बनाया है। मनोरंजन कुमार दुर्गापुर इस्पात संयंत्र (डीएसपी) के कर्मी है।

उन्होंने सिटी सेंटर स्थित एक फाइनेंस कंपनी से ईएमआइ पर दो वर्ष पहले कोई सामान खरीदा था, जिसकी सारी किस्त भी जमा कर दी थी एवं कंपनी से सारे रुपया जमा हो जाने के बाद प्रमाण पत्र भी मिल गया था। दो साल बाद उन्हें अचानक पता चला कि किसी ने उनके उसी ईएमआइ कार्ड का इस्तेमाल कर 40 हजार रुपया की ऑनलाइन खरीदारी कर ली है। जब वे उस वित्तीय संस्था के पास गए तो उसने बैंक खाते से काटी गई राशि वापस करने में कोई रूचि नहीं दिखाई और न ही भविष्य में कटने वाले ईएमआइ को बंद करने को राजी हुए। उनलोगों ने उन्हें पुलिस के पास जाने की सलाह दी। हालांकि उन्होंने वित्तीय संस्था के पास लिखित शिकायत की एवं पूरी घटना से अवगत करवाया। वहीं थाना जाने पर पुलिस अब तक मामला नहीं दर्ज कर पायी है। उन्होंने बताया कि वे आरंभ में ईएमआइ कार्ड लेना नहीं चाहते थे, कंपनी ने ही उन्हें कार्ड लेने का प्रस्ताव दिया था। जिसके तीन माह बाद कार्ड को डाक से भेजा गया था। इन दो सालों में उन्होंने कार्ड का कोई इस्तेमाल नहीं किया।

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पुलिस ने नहीं दर्ज की शिकायत : साइबर क्राइम के खिलाफ पुलिस की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके बावजूद भी साइबर अपराध की घटना हो रही है। जब घटना होने पर मनोरंजन थाने मतें शिकायत करने के लिए गए तो उनका शिकायत भी दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कई बार थाने का चक्कर काटने के बाद भी एफआइआर दर्ज नहीं हुआ। ----------------

अपराधियों ने कैसे लगाया चूना : ईएमआइ कार्ड के साथ मनोरंजन का जो नंबर जुड़ा हुआ था, वह किसी वजह से बंद हो गया था। साइबर अपराधियों ने पहले उनके ईएमआइ कार्ड का नंबर बतारकर वहां पंजीकृत नंबर को बदलवा दिया। जिनकी भनक भी पीड़ित को नहीं लगी। जिसके बाद अपराधियों ने ऑनलाइन खरीददारी शुरू की, जिसका ओटीपी भी भी दूसरे नंबर पर चला गया, जिससे उनलोगों ने ऑनलाइन चालीस हजार रुपये की खरीददारी की एवं उसका ईएमआइ भी 6755 रुपये उनके एसबीआइ बैंक अकाउंट से काटा जा रहा है। मनोरंजन ने बताया कि आरंभिक ²ष्टि से यह कंपनी की लापरवाही है। कोई व्यक्ति कार्ड के संग पंजीकृत नंबर को आसानी से बदलवा ले रहा है। -----------------

पहले भी वित्तीय संस्थानों के कार्ड से हुआ ठगी का मामला : वित्तीय संस्थानों के कार्ड से ऑनलाइन खरीददारी कर ठगी लगाने की घटना कोई नई नहीं है। पहले भी कई लोगों को अपराधियों ने चूना लगाया है। कुछ सप्ताह पहले अंडाल थाना की पुलिस ने रानीगंज इलाके से कई लोगों को गिरफ्तार किया था, जो इस तरीके के साइबर क्राइम को अंजाम दे रहें थे।

Posted By: Jagran

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