-कम नहीं हो रही है वैक्सीन की जद्दो-जहद

-सरकारी टीकाकरण केंद्रों की हालत काफी खराब

-माटीगाड़ा स्वास्थ्य केंद्र पर जमकर प्रदर्शन 18

से 44 वर्ष वर्ग में सबसे ज्यादा परेशानी

11

बजे टीका नहीं है सुनते ही भड़का गुस्सा

45

साल से अधिक उम्र के लोगों को थोड़ी राहत -अभी भी नहीं शुरू हुआ 18-44 वर्ष के लोगों के लिए टीकाकरण

जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी : कोरोना वायरस टीकाकरण को लेकर लोगों की परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। कहीं लोग देर रात से ही लाइन में लग रहे हैं, तो कहीं लाइन में लगने के बाद वैक्सीन नहीं मिल रही है। खासकर महिलाओं को काफी परेशानी हो रही है। पहले बारिश में पन्नी और छाता लेकर महिलाएं टीका के लिए एक दिन पहले से ही लाइन में लग जाती थीं। अब तेज गर्मी में भी वही हाल है। टीका लेने के लिए महिलाओं के साथ अन्य लोग भी काफी परेशान हैं। प्रचंड गर्मी तथा चिलचिलाती धूप में लोग टीकाकरण के लिए लाइन में लगने को मजबूर हो रहे हैं।

कुछ ऐसा ही नजारा गुरुवार को सिलीगुड़ी व आसपास के विभिन्न टीकाकरण केंद्रों पर देखने को मिला।

मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को डाबग्राम दो नंबर ग्राम पंचायत अंतर्गत स्वास्थ्य केंद्र पर टीकाकरण के लिए गई महिलाओं को टीका नहीं मिला तो उनके द्वारा जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि गुरुवार को 0-12 वर्ष तक बच्चों की माताओं का यहां टीकाकरण होना था। सुबह पांच बजे से ही वे लोग लाइन में खड़ी थी। 11 बजे सूचना दी गई की वैक्सीन नहीं है। महिलाओं का कहना है कि यदि वैक्सीन नहीं लगनी थी तो इसकी सूचना पहले ही दे देनी चाहिए।

वहीं दूसरी ओर माटीगाड़ा पंचायत कार्यालय के सामने हेल्थ सेंटर पर भी वैक्सीन लेने गई माताओं को चिलचिलाती धूप में खड़ा रहने को मजबूर होना पड़ा। जब महिलाओं से धूप सहन नहीं हुआ तो वे अपना आधार कार्ड नंबर एक लाइन से जमीन पर रखकर छाया में चली गईं।

यह समस्या सिर्फ एक दिन की और एक सेंटर की नहीं है। बल्कि इस तरह की समस्या उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल तथा सिलीगुड़ी जिला अस्पताल समेत हर सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर देखने को मिल रही है।

दूसरी ओर अभी जिले में 18 वर्ष से लेकर 44 वर्ष के उम्र तक के बिना कटेगरी वाले लोगों के टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू नहीं होने से उनमें रोष बढ़ता जा रहा है। ऐसे वर्ग के लोगों का कहना है कि 18 वर्ष से 44 वर्ष के बिना कटेगरी वालों का क्या दोष है, जिससे की टीकाकरण से वंचित रखा जा रहा है।

उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के आधिकारिक सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार यहां पर 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को निर्धारित कटेगरी के आधार पर टीका देने का काम हो रहा है। जबकि 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को सामान्य रूप से वैक्सीन दी जा रही है।

Edited By: Jagran