कोलकाता, जागरण संवाददाता । लॉटरी का प्रथम पुरस्कार एक ही है। परंतु, दो लोग दावा कर रहे हैं कि उनके नंबर को प्रथम पुरस्कार मिला है। दोनों ही लॉटरी का टिकट दिखाकर एक करोड़ रुपये का प्रथम पुरस्कार पर दावा कर रहे हैं।

राज्य लॉटरी दफ्तर में कोलकाता की एक महिला और उत्तर दिनाजपुर के एक व्यक्ति एक ही नंबर के दो टिकट लेकर हाजिर हुए कहा कि प्रथम पुरस्कार उन्हें मिला है। एक ही नंबर के दो टिकट देखकर लॉटरी दफ्तर के अधिकारी भी परेशान हैं।

इसके बाद राज्य सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा और टिकट को सेंट्रल फॉरेंसिक लैब में भेजा गया। इसके बाद फॉरेंसिक विभाग ने सरकार को रिपोर्ट दी कि दोनों टिकटों में से एक टिकट जाली है। जो टिकट उत्तर दिनाजपुर के ग्वालपुकुर के हामिद अख्तर के पास था वह जाली निकला।

हामिद के खिलाफ बहूबाजार थाने में लॉटरी दफ्तर की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है। इसके बाद मामला लालबाजार के खुफिया विभाग को सौंप दिया गया। खुफिया विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस घटना के पीछे राज्यभर में कोई गिरोह सक्रिय है जो जाली लॉटरी टिकट छापकर बेच रहा है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। दरअसल पिछले साल 29 जून को रथ यात्रा बंपर नाम से एक लॉटरी के नतीजे घोषित किए गए थे।

विजेताओं के नाम घोषित होने के बाद कोलकाता के बेलियाघाटा रोड की रहने वाली एक महिला और ग्वालपुकुर का हामिद दोनों ही खुद को विजेता बताते हुए टिकट लेकर पहुंचे थे। इसे देखने के बाद अधिकारी असमंजस में थे।

बाद में इसे जांच के लिए फॉरेंसिक लैब में भेजा गया। कागज व स्याही की जांच के बाद पता चल गया कि हामिद का टिकट फर्जी है। हालांकि पूछताछ में यह भी पता चला है कि उसने किस एजेंट से टिकट खरीदा था। इसे बेचने वालों को दबोचने में पुलिस जुट गई है।

Posted By: Preeti jha