सिलीगुड़़ी, जागरण संवाददाता।  सिलीगुड़ी नगर निगम की मासिक बोर्ड बैठक में बुधवार को डेंगू के बढ़ते प्रकोप का मुद्दा छाया रहा। नगर निगम में प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा तथा माकपा ने डेंगू पर नियंत्रण की दिशा में सिलीगुड़ी नगर निगम प्रशासन की कमियों पर जमकर हमला बोला। नगर निगम में विपक्ष के नेता और भाजपा पार्षद अमित जैन ने कहा कि डेंगू के मामले एक हजार से ज्यादा पहुंच गए हैं। त्योहारों के मौसम में अस्पतालों में डाक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के छुट्टी पर चले जाने से चिकित्सकीय संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। उन्होंने कहा कि कई नर्सिंग होम स्वस्थ साथी कार्ड योजना के तहत मरीजों को भर्ती करने से इंकार कर रहे हैं। इस स्थिति में लोगों की मदद के लिए नगर निगम का एक हेल्पलाइन नंबर जारी करना चाहिए ताकि मरीज के परिजन इस मामले में शिकायत तुरंत कर सकें।

वहीं नगर निगम में माकपा पार्षद दल के नेता मुंशी नुरूल इस्लाम ने अक्टूबर महीने में डेंगू के मामलों में और बढ़ोत्तरी की आशका की। उन्होंने कहा कि व्यापक अभियान के बिना स्थिति को नियंत्रित करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि केवल कचरा सफाई, छिड़काव से इस पर नियंत्रण संभव नहीं है। जन-जागरूकता अभियान में आम लोगों को शामिल किए बिना इसे नियंत्रित नहीं किया जा सकता। उन्होंने बोर्ड से सवाल करते हुए कहा कि क्या निगम ने डेवलपर्स के साथ कोई बैठक की है, क्योंकि निर्माणाधीन स्थल प्रमुख मच्छर प्रजनन स्थल हैं। मशीनरी का सही उपयोग होना चाहिए। नगर निगम के रिहायशी इलाकों से मवेशी शेड को स्थानातरित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। गैरेजों के मालिकों के खिलाफ कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया। बेकार पड़े टायरों व पुराने वाहनों में पानी भर जाता है। बाजारों में पानी जमा हो गया है। उन्होंने कहा कि इन सब कमियों को दुरूस्त करने की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए।

इस्लाम ने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता बुखार का डेटा एकत्र कर रहे हैं, लेकिन वे घरों के अंदर पानी जमा होने की शायद ही जांच करते हैं। साथ ही सर्वेक्षण, छिड़काव की उचित निगरानी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि डेंगू की रोकथाम के लिए अब जो कदम उठाए जा रहे हैं वह पहले हो जाना चाहिए था।

वहीं विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देव ने कहा कि अगर शहर में डेंगू की स्थिति से निपटने में कोई कमी या विफलता है तो वह अपनी जिम्मेदारी से इनकार नहीं कर सकते। एक भी मौत हमारे लिए बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और दर्दनाक है। मैं डेंगू समेत अन्य बीमारियों से पीड़ित होने, अस्पताल में भर्ती होने में देरी के बारे में कुछ नहीं कहना चाहता। इस पर कोई राजनीति भी नहीं होनी चाहिए। हम युद्ध स्तर पर एक साथ मिलकर इस बीमारी से निपटने के लिए काम कर रहे हैं। पूजा में अस्पतालों में रहें डाक्टर इस दौरान नगर निगम में स्वास्थ्य व जल आपूर्ति विभाग के एसआइसी, दुलाल दत्ता ने कहा कि दार्जिलिंग जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है कि पूजा के दौरान अस्पतालों में डाक्टर मौजूद रहें।

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