-चाय बागानों की दशा बेहतर से बेहतर बनाने पर जोर

-राज्य के श्रम व कानून मंत्री मलय घटक भी हुए शामिल

जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी : पश्चिम बंगाल राज्य सरकार के उत्तर बंग उन्नयन विभाग की ओर से गत 26 जुलाई को गठित टी एडवाइजरी काउंसिल की पहली बैठक सोमवार को उत्तर बंग उन्नयन विभाग के 'विवेकानंद भवन' के सभागार में आयोजित हुई। इसमें काउंसिल की कार्यकारिणी ने चाय जगत की विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

इस बारे में टी एडवाइजरी काउंसिल के चेयरमैन व राज्य के श्रम एवं कानून मंत्री मलय घटक ने कहा कि, चूंकि टी एडवाइजरी काउंसिल गठित होने के बाद इसकी यह एकदम पहली बैठक थी इसलिए अंदरूनी सांगठनिक स्तर की बातों पर ज्यादा चर्चा हुई। इसका परिचालन कैसे होगा, उसकी प्रक्रियाएं क्या-क्या होंगी, आदि। इसके साथ ही चाय जगत के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इस काउंसिल का यह परम दायित्व रहेगा कि चाय बागानों की दशा बेहतर से बेहतर हो, बंद चाय बागान खोले जाएं, चाय बागानों के मजदूरों के कल्याण के हरेक कार्य हों, उनको सारी आवश्यक सुविधाएं मिले, इसके साथ ही चाय उद्योग को पूरा संबल मिले। उत्तर बंगाल में चाय उद्योग नया अवतार ले। इसके लिए तरह-तरह के सुझाव टी बोर्ड एवं राज्य सरकार को दिए जाएंगे। चाय उद्योग को हर हाल में बेहतर से बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।

इस दिन बैठक में उक्त काउंसिल के वाइस चेयरमैन विधायक कृष्ण कुमार कल्लानी, सदस्य एवं राज्य के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री बुलु चिक बराइक, ऋतब्रत बंद्योपाध्याय, सदस्य व एसजेडीए के चेयरमैन सौरभ चक्रवर्ती व अन्य कई सम्मिलित रहे।

Edited By: Jagran