सिलीगुड़ी, जागरण संवाददाता।  तो अब उत्तरबंग विश्वविद्यालय और उसके अधीनस्थ कालेजों का क्या होगा? एसएससी नियुक्ति घोटाला मामले में एनबीयू के वीसी सुबिरेश भट्टाचार्य की गिरफ्तारी के बाद से ही यह प्रश्न उत्तर बंगाल के शिक्षा जगत में यक्ष प्रश्‍न बना हुुुआ है। एनबीयू के वीसी की गिरफ्तारी के बाद से विश्‍व विद्यालय प्रशासन शिथिल पड़ गया है। बैठक से लेकर नियुक्ति और नामांकन प्रक्रिया तक प्रभावित हो चली है।

वीसी को सस्‍पेंड किए बगैर नहीं दिया जा सकता प्रभार 

यहां बताते चलें कि बीते करीब एक महीने से उत्तरबंग विश्वविद्यालय वाइस चांसलर के बिना ही चल रहा है। बीते 24 अगस्त को सीबीआई की टीम नर एनबीयू में छापेमारी की। वीसी के आवास और कार्यालय की तलाशी के साथ घंटो पूछताछ किया था। अगली सुबह वीसी सुबिरेश भट्टाचार्य कोलकाता के लिए रवाना हो गए। बीते 19 सितंबर को एसएससी घोटाला मामले में सीबीआई ने उन्हें कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया। अदालत के निर्देशानुसार अगले 29 सितंबर तक वे सिसबीआई की हिरासत में रहेंगे। जानकारों की माने तो 48 घंटे से अधिक समय तक जांच एजेंसी की हिरासत में होने पर शिक्षा विभाग द्वारा वीसी को सस्पेंड कर दिया जाना चाहिए। सरकारी तौर पर निलंबित किये वगैर किसी और को वीसी के कार्यभार की जिम्मेदारी भी नहीं दी जा सकती है।

अतिथि अध्यापक की नियुक्ति प्रक्रिया भी तत्काल प्रभाव से स्थगित

इधर, वीसी की गिरफ्तारी के बाद से रजिस्ट्रार, परीक्षा नियंत्रक और कैशियर कार्यालय में ना के बराबर ही रह रहे हैं। बीते बुधवार को तीनों गैरहाजिर थे। स्वाभाविक रूप से एनबीयू का प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहा है। वीसी की गिरफ्तारी की वजह से शुक्रवार को होने वाली एनबीयू कार्य समिति की बैठक भी स्थगित कर दिया गया है। वहीं एनबीयू के जलपाइगुड़ी कैम्पस में अतिथि अध्यापक की नियुक्ति प्रक्रिया भी तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जलपाइगुड़ी कैम्पस में संस्कृत, अंग्रेजी,भूगोल और बांग्ला विषय के लिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित विज्ञापन एनबीयू प्रबंधन की ओर से जारी किया गया था। अतिथि अध्यापकों की नियुक्ति के लिए आवेदकों का 22, 26, 27 और 28 सितंबर को साक्षात्कार ( इंटरव्यू) होना था। जबकि एनबीयू के जॉइंट रजिस्ट्रार स्वपन रक्षित ने इस साक्षात्कर को अगले आदेश यानी अनिश्चित काल के लिए स्थगित किये जाने का नोटिस जारी किया है।

एनबीयू के  अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार स्नातक के लिए अगस्त से ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सीट बढ़ाने संबंधी व अन्य प्रक्रियाओं के लिए वीसी का निर्णय अनिवार्य है। हालांकि सुबिरेश भट्टाचार्य की गिरफ्तारी के बाद राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने बीते मंगलवार को कहा था कि एनबीयू में वीसी की नियुक्ति के संबंध में वे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से चर्चा कर निर्णय लेंगे।

Edited By: Sumita Jaiswal

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