संवाद सूत्र.दार्जिलिंग: स्थानीय तिब्बती यूथ काग्रेस व स्थानीय तिब्बती महिला संस्था द्वारा बीजिंग ओलंपिक के बहिष्कार के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया गया ।

इस वर्ष फरवरी में होने वाले बीजिंग ओलंपिक का बहिष्कार करने के लिए शनिवार को यहां स्थानीय तिब्बती यूथ और स्थानीय तिब्बती महिला संस्था के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय चौरास्ता में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया है । उक्त संबंध में जानकारी देते हुए संस्था के सदस्य जी टी भोटिया ने कहा कि चीन में होने वाले ओलंपिक का हम बहिष्कार कर रहे हैं ,और इसका विरोध अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो रहा है डिप्लोमेटिक तरीके अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया ने भी इसका विरोध किया है। यूनाइटेड किंगडम ने भी बहिष्कार किया है ,भारत के विभिन्न क्षेत्रों में भी बहिष्कार करने के पक्ष में आवाज बुलंद हो रही है। उन्होंने बताया कि 10दिसम्बर को बेंगलुरु से बाइक रैली निकाल कर विभिन्न मेट्रो सिटी होते एक माह की यात्रा के बाद दिल्ली में संबंधित मंत्रालय को इसके बहिष्कार से संबंधित ज्ञापन सौंपा। चीन के विस्तार नीति के कारण तिब्बत 1959 में कब्जा करने के बाद वहा मानव अधिकार का हनन होता आया है कई को मौत के घाट उतार दिया गया है , हागकाग में कब्जा होने के बाद ही वहा भी दमन नीति चलाया जा रहा है ,हाल ही में चीन द्वारा भारत के गलवान में भी अतिक्त्रमण करने का कोशिश किया गया था ,ऐसे देश में ओलंपिक हो रहा है इसका हम विरोध करते हैं यह विरोध कार्यक्त्रम हम बड़े रूप में करना चाहते थे रेलिया निकालना चाहते थे परंतु भारत सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार के कोविड प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए हम लोगों ने सिर्फ हस्ताक्षर अभियान चलाया ।

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Edited By: Jagran