नोट : जागरण विशेष का लोगो लगेगा फोटो : संजय सब-हेड : सड़क का कोई नाम नहीं, रोशनी अपर्याप्त, अंधेरे में इलाका बन जाता है असामाजिक तत्वों का अड्डा -प्यारे दा ढाबा गली से अंदर ही अंदर प्रकाश नगर, लिम्बु बस्ती होते हुए नॉर्थ बंगाल आईजी ऑफिस तक की सड़क का बुरा हाल

-इलाके के लाखों लोगों को करना पड़ रहा है मुसीबतों का सामना, बरसों-बरस से सड़क उपेक्षित जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी :

शहर के 42 नंबर वार्ड में एनएच-31-ए के सेवक रोड से सटी हुई प्यारे दा ढाबा के बगल से शुरू हो कर अंदर ही अंदर प्रकाश नगर, लिम्बू बस्ती होते हुए सीधे नॉर्थ बंगाल आईजी ऑफिस के सामने जा कर पुन: एनएच-31-ए पर ही मिलने वाली सड़क का बड़ा बुरा हाल है। आधारभूत संरचनात्मक रूप में देखें तो यह सड़क पूरी तरह जर्जर है। आज के इस आधुनिक युग में नगर निगम क्षेत्र की यह लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क लगभग आधा किलोमीटर कच्ची ही है। इस सड़क पर प्यारे दा ढाबा गली, फौजी माठ व आगे दुर्गा मंदिर तक लगभग आधे किलोमीटर तक इस सड़क किनारे स्ट्रीट लाइट की भी व्यवस्था न के बराबर है। ऐसे में शाम ढलते ही इस इलाके में अंधेरा छा जाता है। अंधेरे का फायदा उठा कर असामाजिक तत्वों विशेष की नशेड़ियों का अड्डा जम जाता है। इलाके के लोग कहते हैं कि भक्ति नगर थाना इलाका की पुलिस बीच-बीच में अभियान चलाती भी है और असामाजिक तत्वों को पकड़ कर भी ले जाती है। मगर, यह कार्रवाई कभी-कभार ही होती है सो यह अपर्याप्त है।

वहीं, उक्त सड़क किनारे खाली पड़ी जमीन पर अवैध रूप में भारी वाहनों विशेष कर ट्रकों की पार्किंग भी होती है, जिसे लेकर इलाके के लोगों को समस्या है। आसपास के कुछ दबंग युवाओं का समूह उस पार्किंग को संचालित करता है। कहते हैं कि उक्त जमीन संभवत: सेना की जमीन है और लावारिस ही पड़ी रहती है। कोई देखरेख व रोक-टोक करने वाला नहीं है। इसी का फायदा उठा कर वहां अवैध पार्किंग खूब फल-फूल रही है व इसे संचालित करने वाले मोटी कमाई कर रहे हैं।

आखिर यह सड़क है किसकी?

इस सड़क को लेकर लोगों में काफी असमंजस है कि आखिर यह है किसकी? प्राथमिक रूप में तो यह सिलीगुड़ी नगर निगम की ही जिम्मेदारी है क्योंकि नगर निगम के 42 नंबर वार्ड में पड़ती है। अंदरूनी सड़क है। इसके साथ ही यह सिलीगुड़ी-जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण (एसजेडीए) क्षेत्र में भी आती है। वहीं, राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव के डाबग्राम-फूलबाड़ी विधानसभा क्षेत्र का भी यह हिस्सा है। खैर, अब इसके प्राथमिक जिम्मेदार सिलीगुड़ी नगर निगम ने इसकी जिम्मेदारी ले ली है।

चेक पोस्ट की 'दवा' है यह

इस सड़क को यदि ढंग से विकसित किया जाए तो चेक पोस्ट के चौतरफा जाम की बीमारी के लिए यह बेहतर दवा सिद्ध हो सकती है। सेवक रोड, एनएच-31-ए पर प्यारे दा ढाबा से वाया चेक पोस्ट सीधे आईजी ऑफिस तक जाया जाए तो इसकी लंबाई लगभग डेढ़ किलोमीटर है। वहीं, ऊपरोक्त अंदरूनी सड़क से अंदर ही अंदर निकला जाए तो वह सड़क भी लगभग डेढ़ किलोमीटर ही लंबी है। मगर, अंदर की बाइपास सड़क बहुत राहत भरी है। इससे हो कर जाम की मुसीबतें नहीं रह जातीं। लोगों के समय और वाहन ईधन की बर्बादी भी बच जाती है। ऐसे में इस अंदरूनी सड़क को बेहतर बाई-पास सड़क के रूप में विकसित किया जाए तो न सिर्फ आसपास की लाखों की बड़ी आबादी लाभान्वित होगी बल्कि प्रत्यक्ष रूप में चेक पोस्ट और अप्रत्यक्ष रूप में शहर के अन्यत्र के जाम में भी बड़ी राहत मिलेगी।

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बॉक्स

टेंडर हो गया है जल्द बनेगी सड़क, लागत 35 लाख रुपये

प्यारे दा ढाबा के बगल से शुरू हो कर अंदर ही अंदर प्रकाश नगर, लिम्बू बस्ती होते हुए सीधे नॉर्थ बंगाल आईजी ऑफिस तक जाने वाली सड़क के मरम्मत कार्य का टेंडर हो चुका है। इसके जीर्णोद्धार के लिए लगभग 35 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। यह सड़क बहुत जल्द ही चकाचक हो जाएगी। बड़ी ही पुख्ता सड़क बनाई जाएगी। नगर निगम की ओर से इस सड़क व इसके आसपास के इलाके में स्ट्रीट लाइट व रौशनी व्यवस्था को भी और उन्नत किया जाएगा। रही बात नामकरण की तो नगर निगम क्षेत्र में सड़कों व गलियों एवं इलाकों के नामकरण के लिए अलग से एक कमेटी है। वह इस पर विचार करेगी। इस सड़क के किनारे खाली पड़ी जमीन पर अवैध पार्किंग एक बड़ी समस्या है। जमीन किसी और की है और पार्किंग कोई और वसूल रहा है। वह भी बिना किसी अनुमति के। इसके समाधान की दिशा में पुलिस को ठोस कदम उठाना चाहिए।

दिलीप सिंह

पार्षद-वार्ड नं. 42

चेयरमैन-सिलीगुड़ी नगर निगम

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(कल पढि़ए : क्या है बेनाम सड़क के जीर्णोद्धार की योजना?)

Posted By: Jagran

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