जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी : भगवान कार्तिक की पूजा उपरांत उनकी प्रतिमाओं का रविवार को विसर्जन किया गया। गाजे-बाजे के साथ विदाई दी गई। रंग और अबीर से सराबोर श्रद्धालु नाचते-गाते हुए भगवान कार्तिक को फिर जल्दी वापस आने का न्यौता देते हुए नजर आए। विसर्जन के समय श्रद्धालु व्यवस्था संभाले हुए नजर आ रहे थे। पूजा मंडपों में चहल-पहल नजर आ रही थी। श्रद्धालुओं का कहना है कि भगवान कार्तिक की आराधना कर मन को बेहद सुकून मिलता है। इसके लिए विगत कई महीने पहले से ही तैयारी शुरू हो जाती है। इसके साथ ही पूजा आयोजन को लेकर योजना बनाई जाती है ताकि समय पर कार्य पूरा हो सके। कार्तिक महीने में शहर भर में श्रद्धालुओं द्वारा दान-पुण्य और दीपदान विशेष तौर पर किया जाता है।

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भगवान कार्तिक को दी गई विदाई जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी : भगवान कार्तिक की पूजा उपरांत उनकी प्रतिमाओं का रविवार को विसर्जन किया गया। गाजे-बाजे के साथ विदाई दी गई। रंग और अबीर से सराबोर श्रद्धालु नाचते-गाते हुए भगवान कार्तिक को फिर जल्दी वापस आने का न्यौता देते हुए नजर आए। विसर्जन के समय श्रद्धालु व्यवस्था संभाले हुए नजर आ रहे थे। पूजा मंडपों में चहल-पहल नजर आ रही थी। श्रद्धालुओं का कहना है कि भगवान कार्तिक की आराधना कर मन को बेहद सुकून मिलता है। इसके लिए विगत कई महीने पहले से ही तैयारी शुरू हो जाती है। इसके साथ ही पूजा आयोजन को लेकर योजना बनाई जाती है ताकि समय पर कार्य पूरा हो सके। कार्तिक महीने में शहर भर में श्रद्धालुओं द्वारा दान-पुण्य और दीपदान विशेष तौर पर किया जाता है।

Edited By: Jagran