-ग्राहकों ने पूरी तरह से आना किया बंद

- पैसे-पैसे के लिए मोहताज हो रही हैं महिलाएं

-पांच सै से अधिक परिवारों का जीवन संकट में मोहन झा, सिलीगुड़ी : नोबेल कोरोना वायरस के आतंक ने देश वासियों को घरबंदी बना दिया है। इस कठिन परिस्थिति में रोज कमाने-खाने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है। उसी क्रम में सिलीगुड़ी रेड लाइट इलाके में रहने वाले परिवार के सामने भी खाद्य संकट दिखने लगा है। इलाकाई लोगों ने प्रशासनिक मदद की गुहार लगाई है।

सिलीगुड़ी शहर के सात नंबर वार्ड के खालपाड़ा स्थित रेड लाइट इलाके में करीब पांच सौ से अधिक परिवार रहते हैं। जिनमें कुल लोगों की संख्या दो हजार से कुछ अधिक है। यहां रहने वाली अधिकांश महिलाएं सेक्स वर्कर हैं। इस इनकी आय का यही एक जरिया है। कोरोना की वजह से लोग घरों में दुबके हुए हैं। जान का डर सबको है। जो लोग यहां जिस्म की प्यास बुझाने आते थे,उन्होंने आने से तौबा कर लिया है। ऐसे में किसी के भी रेड लाइट इलाके जाना दूर की बात है। सरकार ने भी शारीरिक दूरी बनाए रखने का निर्देश दिया है। जाहिर है इस माहौल में रेड लाइट इलाके में ग्राहकों का टोटा लगा है। यहां की महिलाएं पैसे -पैसे के लिए मोहताज हो रही हैं।

रेड लाइट इलाका निवासी सुभाष ने बताया कि रोजाना करीब तीन सौ ग्राहकों का आना-जाना था। लेकिन कोरोना की वजह से लॉकडाउन होने के बाद ग्राहकों का टोटा है। सेक्स वर्करों के हाथ में रुपए का अभाव दिखने लगा है। इस समय इलाकाई दुकानदार भी उधार देने से इनकार कर रहे हैं। ऐसे में सभी के सामने खाले के लाले पड़ गए हैं। यहां जो महिलाएं रहती हैं,उनका कहना है कि कोरोना वायरस से तो बाद में मरेंगे,ऐसा ना हो कि भूख से ही मौत हो जाए। हांलाकि सिलीगुड़ी के एसडीओ ने इन सभी को हर संभव सहायता का भरोसा दिया है।

Posted By: Jagran

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