वीरपाड़ा, संवाद सूत्र। रेल गेट के सामने जाम की समस्या से राहगीरों व वाहन चालकों का बुरा हाल है। प्रतिदिन ही ट्रेन आवाजाही को लेकर लोगों को घंटो में जाम का सामना करना पड़ता है। रेल विभाग से कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं है।

एनएफ रेलवे दलगांव रेलवे स्टेशन के 155 नंबर रेलगेट वीरपाड़ा बाजार को दो हिस्सों में बांटती है। फलस्वरूप यहां अंडरपास व ओवर ब्रिज बनाने की मांग कई सालों से उठती आ रही है। उक्त रेलगेट के एक तरफ 06 बैंक, 02 उच्च माध्यमिक स्कूल, बिजली विभाग, श्रम विभाग व बिरसा मुंडा केंद्रीय बस टर्मिनस समेत चार कॉलोनी हैं। इसके अलावा वीरपाड़ा से सटे तीन चाय बागान भी है।

वहीं रेलगेट के दूसरी तरफ वीरपाड़ा थाना, अस्पताल, वन विभाग का कार्यालय, वीरपाड़ा कॉलेज, 02 उच्च माध्यमिक स्कूल व 05 ऐसे बस्ती हैं, जहां काफी संख्या में लोग निवास करते हैं। इसके अलावा इसी रेलगेट को पड़ोसी देश भूटान के गोमटू, पागली भूटान व 10 चाय बागानों में यातायात का प्रमुख मार्ग माना जाता है। प्रतिदिन रेल आवाजाही के कारण घंटों रेलगेट को बंद करके रखा जाता है। फलस्वरूप काफी जाम हो जाती है। इसके अलावा रेलगेट के सामने दुर्घटनाओं में भी बढ़ोतरी हो रही है।

जाम के कारण कभी स्कूली बच्चों तो कभी अस्पताल के मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी तो प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस कर्मियों को जाम के कारण काफी दिक्कतें आती है। इस बारे में अलीपुरद्वार डिवीजन के डीआरएम सीवी रमन ने कहा कि वर्तमान समय में दलगांव रेल स्टेशन से सटे रेलगेट के पास ओवर ब्रिज की काफी जरूरत है। इस बारे में रेल विभाग की तरफ से सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर काम शुरू नहीं हो पा रही है।उम्मीद है कि राज्य सरकार वीरपाड़ा के समस्याओं को ध्यान में रखकर जरूर प्रस्ताव पर स्वीकृति देगी।

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