- हार्ट की बीमारी बेहद खतरनाक,जागरूकता जरूरी

-हार्ट अटैक में 50 प्रतिशत रोगियों की हो जाती है मौत

-सीने में दर्द होने पर तत्काल हो जाएं सावधान

-सिलीगुड़ी और उत्तर बंगाल में तेजी से फैल रही है बीमारी

-हर दो साल में हार्ट चेकअप कराना जरूरी

-घर में हमेशा रखें एस्प्रिन की गोली जागरण संवाददाता,सिलीगुड़ी:दिल यानी हार्ट की बीमारी बेहद खतरनाक होती है। इसलिए इस बीमारी को साइलेंट किलर भी कहा जाता है। खासकर हार्ट अटैक के मामले में तो 50 प्रतिशत रोगी की मौत हो जाती है। ऐसी परिस्थिति में यह जरूरी है कि हम अपने दिल का ख्याल दिल से रखें। कहने का मतलब यह है कि हार्ट की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। इसकी नियमित रूप से जाच कराई जानी चाहिए। जिससे यह बीमारी नहीं हो। यह बातें प्रख्यात काडिर्योलोजिस्ट डॉक्टर राजेश नंदा ने कही। वह दैनिक जागरण के लोकप्रिय प्रश्न प्रहर कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शुक्रवार को दैनिक जागरण कार्यालय आए हुए थे। यहीं उनसे हार्ट की बीमारी से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई। साथ ही उन्होंने फोन पर हार्ट की बीमारी से संबंधित प्रश्न पूछने वाले मरीजों व उनके परिवार वालों को उचित जवाब भी दिया। डॉक्टर नंदा ने कहा कि सिलीगुड़ी सहित पूरे उत्तर बंगाल में हार्ट की बीमारी काफी तेजी से फैल रही है। क्योंकि इस इलाके में धूम्रपान की प्रवृत्ति अधिक है। धूम्रपान के कारण डायबिटीज की बीमारी होती है और इसका सीधा असर हार्ट पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि हार्ट की बीमारी का पता पहले नहीं चलता है। जब तक इस बीमारी का पता चलता है तब तक काफी देर हो चुकी होती है। खासकर जागरूकता की कमी के कारण भी मरीज हार्ट पर विशेष ध्यान नहीं देते हैं । उन्होंने बताया कि छाती में दर्द, पेट में दर्द, सास लेने में तकलीफ, पीठ में दर्द चलने पर छाती में दर्द हो तो मान लेना चाहिए कि हार्ट की बीमारी हो सकती है। यह हार्ट की बीमारी के प्रारंभिक लक्षण हैं। इसके अलावा यह बीमारी वंशानुगत भी होती है। अगर किसी के माता-पिता को हार्ट की बीमारी है तो उन्हें भी होने की संभावना है।

इस बीमारी से बचने के उपाय के संबंध में डॉ नंदा ने कहा कि धूम्रपान एवं शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। रेड मीट खाने से परहेज करना चाहिए। सबसे बड़ी बात यह है कि हर 2 साल में एक बार हार्ट का चेकअप जरूर करा लें। हार्ट अटैक के मामले में उन्होंने कहा कि 50 प्रतिशत मरीज अस्पताल ही नहीं पहुंच पाते और उनकी मौत हो जाती है। यहा भी जागरूकता की कमी है। जैसे ही छाती में दर्द हो, पसीना निकले, मरीज को घबराहट हो तो उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती करना चाहिए। घर में हमेशा एस्प्रिन की गोली भी रखनी चाहिए। लक्षण दिखते ही मरीज को तुरंत एस्प्रिन की गोली देनी चाहिए और 3 घटे के अंदर उसे अस्पताल पहुंचाने की कोशिश करनी चाहिए। डॉक्टर नंदा से पाठकों ने भी फोन पर सवाल पूछे। प्रश्न- मेरे पिताजी की उम्र 52 साल है। उन्हें छाती में दर्द की शिकायत होती है। क्या करना चाहिए।

-रंजनी कुमारी सोनी,जलपाईगुड़ी

जवाब- तत्काल मरीज की ईसीजी इको एवं टीएमटी कराना जरूरी है। साथ ही किसी अच्छे कार्डियोलॉजिस्ट को दिखा सकती हैं। जब तक ईसीजी नहीं होगी तब तक बीमारी का पता नहीं चलेगा।

प्रश्न- मुझे चलने में छाती में दर्द की शिकायत होती है। हम कब आपसे मिल सकते हैं।

-दीपक राय,शिव मंदिर

जवाब-यदि चलने में छाती में दर्द की शिकायत है तो तत्काल इसकी जाच करानी चाहिए। आप कभी भी अपॉइंटमेंट लेकर हमसे नेवटिया अस्पताल में संपर्क कर सकते हैं।

प्रश्न- मेरी उम्र 30 साल है और थोड़ा सा चलने फिरने पर ही सास फूलने की शिकायत है। हार्ट रीट भी बढ़ जाती है।

-सूरज शर्मा,चंपासारी

जवाब- आप तत्काल ब्लड प्रेशर चेक कराइए। सिगरेट बीड़ी जल्दी से जल्दी छोड़ दीजिए। किसी प्रकार का नशा मत करिए । हो सके तो डॉक्टर की सलाह जरूर लीजिए।

प्रश्न- मुझे छाती में दर्द की शिकायत होती है। हाथ की उंगलियों में भी दर्द है। नर्व की भी समस्या है। मेरी उम्र 37 साल है। मुझे क्या करना चाहिए।

-स्वपन विश्वकर्मा,जलपाईगुड़ी

जवाब-आपको हार्ट की बीमारी हो सकती है। इसलिए आप तत्काल किसी कार्डियोलॉजिस्ट से अपना चेकअप कराएं। ब्लड प्रेशर चेक कराने के साथ-साथ ईसीजी भी कराएं।

प्रश्न- हार्ट फेल क्या है तथा इससे कैसे बचा जा सकता है।

-रेमंती राई,गंगटोक

जवाब-हार्ट फेल दो तरह से होता है। फोन पर इसकी विस्तार से जानकारी ले पाना संभव नहीं है। लेकिन नियमित रूप से हार्ट चेकअप जरूरी है। तभी आप इस प्रकार की समस्या से बच सकती हैं।

प्रश्न- मेरी मम्मी को हार्ट की बीमारी है। उनकी चिकित्सा चल रही है। हार्ट अटैक जैसी समस्या ना हो इसके लिए क्या करना चाहिए।

-अजय अग्रवाल,सिलीगुड़ी

जवाब- आपकी मम्मी की नियमित रूप से ब्लड प्रेशर शुगर एवं कोलेस्ट्रॉल की जाच होती रहनी चाहिए। यदि वह किसी प्रकार के नशा का सेवन करती हैं तो उसे तत्काल बंद कर देना चाहिए।

Posted By: Jagran

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