अश्विनी रघुवंशी, आसनसोल! बांग्ला नववर्ष के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आसनसोल में पहली सभा की। देश भर में कोरोना के लिए हाहाकार मचा है। सो, सभा में सारे लोगों को मास्क पहनाए गए। प्रधानमंत्री के सभा स्थल से महज कुछ किमी की दूरी पर मतदान भी चल रहा था। उन्होंने जमकर मतदान के लिए लोगों को बधाई दी। प्रधानमंत्री को भान है कि बंगाल की चुनावी सियासत में बांग्ला नारे बहुत मायने रखते हैं। उन्होंने बांग्ला में पांच चुनावी नारे लगाए। सबसे अहम था, चार दौरेर मतदान, दीदी भाइपो टिकट कटान।

प्रधानमंत्री ने पांच मसलों पर मास्टर स्ट्रोक चलाया-कोयला का काले कारोबार, पंचायत चुनाव में जोर जबरदस्ती, आसनसोल में औद्योगिक विकास रुकना, कूच बिहार के मामले में ममता दीदी की सियासत और रामनवमी पर तीन साल पुराने दंगा में भेदभाव। प्रधानमंत्री ने ममता दीदी पर कटाक्ष किया, दो मई के बाद जनता उन्हें जीवन भर के लिए भूतपूर्व मुख्यमंत्री का सर्टिफिकेट देगी, लेकर घूमते रहना।

सभा की समाप्ति के पहले पीएम ने लोगों से तीन बार भारत माता की जय का जयकारा लगवाया। सभा की शुरुआत में यहां की मां कल्याणेश्वरी देवी और मां घाघरबूढ़ी का नमन किया।

आसनसोल से दुगार्पुर तक पूरे देश को रोजगार मिलता

आसनसोल से दुर्गापुर तक औद्योगिक क्षेत्र है। कई कारखाने बंद हो चुके हैं। विधानसभा चुनाव में रोजगार बड़ा मसला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस इलाके में न सिर्फ बंगाल बल्कि पूरे देश का औद्योगिक क्षेत्र बनने की क्षमता पहले से है। हमेशा से है। द्वारिका नाथ टेगौर, वीरेंद्र नाथ मुखर्जी जैसे लोगों ने इसे आबाद किया। साइकिल से रेल, पेपर से स्टील और अल्युमीनियम से ग्लास जैसे अनेक कारखाने में काम करने पूरे देश से लोग आते थे। आसनसोल लघु भारत है। पूरे देश का व्यक्ति यहां मिल जाएगा। बंगाल में जो सरकारें रही है, उसके कुशासन ने आसनसोल को कहां से कहां पहुंचा दिया। जहां लोग चाकरी के लिए आते हैं, आज यहां से लोग पलायन कर रहे हैं। भाजपा सरकार आएगी तो इज फॉर डुइंग बिजनेस का माहौल होगा। लोगों को रोजगार मिलेगा।

कोयला के काले कारोबार का भाइपो टैक्स सबको पता

आसनसोल से कोयला की तस्करी के मसले पर सीबीआइ ने अनूप माजी उर्फ लाला के खिलाफ कार्रवाई की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मां, मानुष और माटी की बात करने वाली दीदी ने यहां हर तरफ माफिया राज फैला दिया। आसनसोल की प्राकृतिक संपदा में कोयला को लूटने के लिए कोयला माफिया को पनपने दिया गया। नदी के बालू को लूटने के लिए बालू माफिया का सिंडिकेट बना।

सलानकोट, जमुड़िया, उखड़ा, बांकुड़ा बार्डर तक अवैध कोयला खनन का साम्राज्य फैला हुआ है। यहां के कोयला और दूसरे खनिजों को काला माल कहा जाता है। किस किस यह कारोबार होता है, ट्रक वाले, ट्रांसपोर्ट के साथी और हर उद्यमी को मालूम है। काले कारोबार के लिए भाइपो टैक्स देना पड़ता है, वो भी बंगाल के लोग भली भांति जानते हैं। आपका वोट माफिया राज को सफा कर देगा।

दीदी का आडियो सुनिए, शव पर राजनीति करती हैं

चौथे चरण के चुनाव के दौरान कूच बिहार में अर्द्धसैनिक बलों की गोलियों से पांच लोगों की जान जाना बंगाल का बड़ा चुनावी मसला बना हुआ है। इसी बीच ममता बनर्जी और कूचबिहार के टीएमसी नेता की बातचीत का आडियो टेप वायरल हो चुका है। पीएम बोले कि दीदी की निर्ममता एवं असंवेदनशीलता कुछ दिन पहले हमें दिखाई दी है, सुनाई दी है। कूच बिहार में जो हुआ, उस पर कल एक आडियो टेप आपने सुना होगा। आडियो टेप सुना क्या आपने ? पांच लोगों की दुखद मृत्यु के बाद दीदी किस तरह राजनीति कर रहे हैं, यह इस आडियो से साफ खुल गया है। सामने आ गया है। इस आडियो में कूच बिहार के टीएमसी नेता को कहा जा रहा है कि मारे गए लोगों के शवों के साथ रैली निकालो। सवालिया लहजे में पीएम बोले, दीदी वोट बैंक के लिए कहां तक आप जाएंगी। दीदी ने कूच बिहार में मारे गए लोगों से भी सियासी फायदा उठाने की सोच रखी। शवों पर राजनीति करना दीदी की बहुत पुरानी आदत है। जनता ने भी उनका विरोध करने की कोशिश की तो कुचल दिया गया।

पंचायत चुनाव में एक चौथाई लोग पर्चा नहीं भर पाए थे

2018 में हुए बंगाल के पंचायत चुनाव पर उच्चतम न्यायालय ने कड़ी टिप्पणी की थी। प्रकाश झा की मूवी राजनीति का एक चर्चित संवाद है, राजनीति में मुर्दों को जिंदा रखा जाता है ताकि समय आने पर वो बोले। प्रधानमंत्री ने आसनसोल में यही किया। वे बोले कि उस पंचायत चुनाव को बंगाल कभी भूल नहीं सकता। बर्द्धमान से बांकुड़ा, बीरभूमि से मुर्शिदाबाद के लोगों को आज भी याद है कि कैसे उनके अधिकारों को छीना गया था। बंगाल के 20 हजार से ज्यादा पंचायतों में सीधे दीदी के तोलाबाजों को निर्वाचित कर दिया गया। दीदी ने इतना आतंक फैलाया कि एक तिहाई से ज्यादा पंचायतों में उम्मीदवार पर्चा तक नहीं भर पाए थे। हमले के डर से वाट्सअप पर नामांकन करना पड़ा। विरोधी दलों के जो लोग जीत गए थे, उन्हें डर के कारण पड़ोसी राज्यों में शरण लेनी पड़ी थी। लोकतंत्र के इस अपमान और कमजोर किए जाने पर उच्चतम न्यायालय ने नाराजगी जताई थी। दीदी ने लोकतंत्र का सम्मान नहीं किया। परवाह नहीं की। तब वोट देने नहीं दिया गया था। अब वोट दीजिए।

रामनवमी पर ममता दीदी ने दंगाइयों का दिया था साथ

तीन साल पहले आसनसोल से रानीगंज तक दंगे भड़क गए थे। घरों में तोड़ फोड़ हुई थी। लूटपाट किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले कि तीन साल पहले की रामनवमी याद है। आसनसोल और रानीगंज के दंगों को कौन भूल सकता है। इन दंगों में सैकड़ों लोगों के जीवन भर की मेहनत राख हो गई। सबसे ज्यादा नुकसान गरीबों को हुआ। पटरी पर दुकान लगाने वाले और छोटे व्यापारियों को हानि हुई। चुनावी सभा में आए लोगों से उन्होंने पांच बार पूछा कि दंगाइयों का साथ किसने दिया? तुष्टिकरण की नीति किसने अपनाई? किसके कारण पुलिस दंगाइयों के पक्ष में खड़ी रही? लोगों से लगातार सवाल करने के बाद मोदी बोले, सबका एक ही जवाब है ना, हर कोई कह रहा है दीदी।

::: पीएम के पांच नए नारे :::

॰ चार दोफार मतदान, टीएमसी होलो खांड खांड।

॰ बाकी चार दोफार मतदान, दीदी भाइपो टिकट कटान।

॰ दीदी चोखोर अहंकारे परदा।

॰ किछु ना तृणमूल ए बार वोटेर पोद्दो फूल।

॰ कोयला धुले, मोइला जाई ना।

Edited By: Vijay Kumar