जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी : कोरोना महामारी की परिस्थिति के मद्देनजर राज्य में निकाय चुनाव को टालने संबंधी एक जनहित याचिका को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग से इस पर विचार करने को कहा था। उसके मद्देनजर राज्य चुनाव आयोग ने राज्य में निकाय चुनाव को फिलहाल स्थगित कर दिया है। अब 22 जनवरी नहीं बल्कि 12 फरवरी को निकाय चुनाव होंगे। वहीं, मतगणना व जनादेश अब 25 जनवरी के बजाय 15 फरवरी को होगा। इस पर राजनीतिक दलों की ही भांति आम लोगों ने भी मिश्रित प्रतिक्रियाएं दी हैं। अजय चक्रवर्ती नामक एक व्यक्ति ने कहा कि, 'मेरे व्यक्तिगत विचार से यह सही निर्णय नहीं है। क्योंकि, 12 फरवरी तक कोरोना कम हो जाएगा यह निश्चित नहीं है। वह बढ़ भी तो सकता है। सो, चुनाव अभी हो या तीन हफ्ते बाद, कोई विशेष अंतर नहीं है'। वहीं, विनोद प्रसाद नामक एक व्यक्ति ने बहा कि, 'एक तरह से यह फैसला सही है। क्योंकि, कोरोना कम जाए तब ही चुनाव हो'। एक व्यवसायी अरिदम घोष ने कहा कि, 'वैसे ही बाजारों में रौनक नहीं है। व्यवसाय ठप पड़ा हुआ है। चुनाव होता तो शायद बाजारों में लोगों की आमद होती। व्यवसाय में कुछ सुधार होता। पर, अब जब चुनाव टाल दिया गया है तो व्यवसाय पर और असर पड़ेगा। वैसे, सरकार ने यह निर्णय लिया है तो कुछ सोच-समझ कर ही लिया होगा'। एक व्यक्ति बृजनंदन प्रसाद ने अपना मत दिया कि, 'ज्यादा दिन के लिए तो चुनाव स्थगित नहीं हुआ है। मात्र 15-20 दिन में क्या सुधर जाएगा। जब स्थगित करना ही था तो दो-तीन महीने के लिए स्थागित करना चाहिए था। नहीं तो अभी ही कर दिया जाना चाहिए था'। एक युवा महेश सिंह ने कहा कि, 'सिलीगुड़ी में अभी ही हालात सही है, इसलिए अभी ही चुनाव हो जाना बेहतर होता। आगे कोरोना महामारी और भयावह हो सकती है, तब, शायद चुनाव को और भी बहुत ज्यादा दिनों तक के लिए टालने की परिस्थिति हो जाएगी'।

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