-एनजीटी की दो सदस्यीय टीम ने शहर में जमाया डेरा

-आज नगर निगम के अधिकारियों के साथ होगी समीक्षा बैठक जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी : महानंदा नदी के किनारे बने अवैध खटालों पर शीघ्र ही गाज गिर सकती है। इसको कई बार तोड़ने के लिए कहा गया है,लेकिन इस दिशा में कोई पहले नहीं की गई है। इस बीच,सिलीगुड़ी तथा आसपास के क्षेत्रों प्रदूषण की क्या स्थिति है, इसकी समीक्षा एक बाद फिर से नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल एनजीटी द्वारा की जाएगी। उसी समीक्षा में माना जा रहा है कि अवैध खटालों पर कोई कड़ा निर्णय लिया जा सकता है। एनजीटी की दो सदस्यीय टीम शहर में है। मिली जानकारी के अनुसार एनजीटी पूर्वोत्तर जोन, कोलकाता के न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति बी अमित स्थालेकर और विशेषज्ञ सदस्य सैबल दासगुप्ता सिलीगुड़ी में हैं। यह दोनों विभागीय अधिकारियों के साथ मंगलवार को समीक्षा बैठक करेंगे। समीक्षा में इस बात पर गौर किया जाएगा कि सिलीगुड़ी में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एनजीटी ने जो निर्देश दिए थे,उसके अनुसार काम हो रहा है या नहीं।

बताया गया कि पिछले वर्ष

पिछले साल 20 अगस्त को शहर में एनजीटी ने अपने दौरे के दौरान शहर से होकर गुजरने वाली महानंदा नदी के प्रदूषण पर चिंता व्यक्त हुए खटाल व गैरेज तथा नालों के पानी गिराए जाने पर नाराजगी जताई थी। एनजीटी ने खटाल हटाने के निर्देश देते हुए नदी के प्रदूषण को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया था। उक्त निर्देश पर कितना पालन हुआ है, इसकी भी होगी। यहां गौरतलब है कि जो निर्देश दिए गए थे,उसका जरा भी पालन नहीं हुआ है। इसलिए एनजीटी का गाज गिरना तय माना जा रहा है।

इस बीच मिली जानकारी के अनुसार समीक्षा बैठक में सिलीगुड़ी नगर निगम में एक पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। उसमें उल्लेख किया जाएगा कि नदी प्रदूषण को रोकने के लिए नगर निगम ने क्या पहल की है।

इधर,नगर निगम सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार महानंदा नदी के प्रदूषण को रोकने के लिए कई आवश्यक कदम उठाए गए हैं। नदी प्रदूषण नहीं करने के लिए जगह-जगह शाइन बोर्ड लगाए गए हैं, जिससे लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि नदियों में कुछ भी नहीं फेंके। खटाल मालिकों को उन्हें हटाने के लिए नोटिस भी दिया है। बैठक में स्टेट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी व सिलीगुड़ी जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

Edited By: Jagran