जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी : जैन समाज का प्रमुख महापर्व पर्यूषण अर्थात दस लक्षण पर्व की शुरुआत 14 से हो रही है। पर्व को लेकर समाज के लोगों ने तैयारिया में जुटे है। दिगंबर जैन को मानने वाले मंदिरों में इसकी तैयारी लगभग कर ली गयी हैं। प्रवचनों के माध्यम से भगवान महावीर की वाणी को लोगों के ह्रदय में संचारित करने का प्रयास करेंगे। पर्व के संबंध में विनय जैन और राजेश जैन ने बताया कि पर्यूषण महापर्व दस दिनों तक चलेगा। जिसमें समाज के लोग आत्म स्वरूप का चिंतन मनन करते रहेंगे। अर्थात अपनी आत्मा को क्रोध, मान, माया, लोभ, ¨हसा, झूठ आदि विकारों से बचने का प्रयास करते हैं और क्षमा, मार्दव, आर्जव, सत्य, शौच, संयम, तप, त्याग, अंकिचन, ब्रम्हचर्य आदि गुणों को जीवन में धारण करने की कोशिश करते हैं। अर्थात कमरें की निर्जरा करना ही पर्यूषण कहलाता है। जिससे आत्मा की सुचिता एवं पवित्रता बनी रहे। किसी भी आत्मा को हमारी वजह से दुख और कष्ट न पहुंचे ऐसी भावना बनाए रखना भी धर्म है।

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