-सिलीगुड़ी के एक निजी अस्पताल में बच्चे का चल रहा है इलाज, बच्चा खतरे बाहर बताया गया

जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी : 'जाको राखे साइंया, मार सके ना कोय' वाली कहावत उस समय एक बार फिर से चरितार्थ हुई, चलती ट्रेन से एक चार वर्षीय बच्चा खिड़की से बाहर गिर गया, तथा मौत के मुंह में जाकर भी बाल-बाल बच गया। दरअसल राजेंद्र नगर-कामख्या कैपिटल एक्सप्रेस पर बीते मंगलवार को कुर्सेला से एक व्यक्ति अपने चार साल के बच्चे को लेकर ट्रेन पर चढ़ा। वह शयनयान कोच के एस-7 में बैठा था। उसे सिलीगुड़ी ही आना था। आरपीएफ सूत्रों द्वारा बताया गया कि बच्चा ट्रेन में आपातकालीन खिड़की पर बैठकर खेल रहा था। ट्रेन जब खोरीबारी के निकट अधिकारी स्टेशन पर पहुंची उस दौरान बच्चे के शरीर का संतुलन बिगड़ गया तथा वह नीचे गिर गया। बागडोगरा आरपीएफ के आधिकारिक सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार जब वह नीचे गिरा तो ट्रेन चल रही थी, हालांकि धीमी गति से चल रहे थे। बच्चे के ट्रेन से गिरने से उसके परिजन बदहवास हो गए। लोगों ने ट्रेन की चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका तथा इसकी सूचना टीटी को दी। बताया गया कि ट्रेन से नीचे गिरे बच्चे के सिर समेत अन्य जगहों पर चोट लगी थी। उसे वहां से खोरीबारी ब्लॉक हॉस्पिटल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को बेहतर इलाज के लिए सिलीगुड़ी भेज दिया गया। परिजनों ने बच्चे को सिलीगुड़ी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां पर उसका इलाज चल रहा है। हालांकि बताया गया कि बच्चे खतरे से बाहर है। दूसरी ओर इस घटना को लेकर ट्रेन अथवा अन्य वाहनों से यात्रा करने वाले लोगों को खासकर अपने बच्चों के प्रति विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही बड़ी से बड़ी घटना को अंजाम दे सकती है।

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