-कहा, हिदूओं के एकता और संगठन का ही कमाल है कि फैसला के बाद देश में बनी रही शांति

-नागरिक संशोधन बिल के बाद देशभर में होगा एनआरसी

-बंगाल में मुस्लिम तुष्टिकरण से गुस्से में है लोग

-गौ रक्षा के लिए केंद्रीय कानून बनाने की है मांग

जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी : वर्ष 2020 में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण प्रारंभ होगा। इसमें किसी प्रकार की शंका देश के लोगों को नहीं होनी चाहिए। यह कहना है बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक सोहन सिंह सोलंकी का। वे शुक्रवार को अपने सिलीगुड़ी प्रवास के दौरान दैनिक जागरण से विशेष बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 20 जनवरी 2020 को प्रयागराज में संतों का धर्म संसद होने वाला है। इसमें उच्चतम न्यायालय के निर्णय और मंदिर निर्माण की दिशा में निर्णय लिया जाएगा। आज गर्व की बात है कि 27 वर्षो पूर्व जिस काले अध्याय को समाप्त किया वह हिदू समाज के लिए उदय का दिन था। वह दिन गीता जयंती का दिन था। संयोग है कि वह दिन छह दिसंबर की अंग्रेजी तारिक थी। विहिप व बजरंग दल शौर्य दिवस मनाती आ रही थी उसमें कोर्ट का निर्णय सोने में सुहागा का काम किया। भारत में ही नहीं बल्कि विश्व की हिदू समाज के द्वारा 451 वर्षो के संयम का ही नतीजा है कि कोर्ट के नतीजा आने के बाद देशभर में शांति और सद्भावना का माहौल बना रहा। सोलंकी ने कहा कि आज बजरंग दल के गौवंश तस्करी के विरोध का ही नतीजा है कि आज देशी गाय बची हुई है। गौ रक्षा को लेकर केंद्रीय कानून बने जिससे इसकी तस्करी पर पूरी तरह रोक लग जाए।

देश में राष्ट्रवादी सोच व एकता का ही नतीजा है कि देश बड़े बड़े निर्णय लेने में सक्षम हो रही है। तीन तलाक, धारा 370, 35ए, तीन तलाक व नागरिक संशोधन बिल को लाकर जनभावना क ा सम्मान किया है। आने वाले दिनों में देश में सभी लोगों के लिए समान कानून आने वाला है। जब यह पूछा गया कि धारा 370, 35 ए ओवैसी जैसे लोग इसका तो विरोध कर रहे है? इससे कैसे निपटा जाएगा? इसके जबाव में सोलंकी ने कहा कि देश की जनता ने राष्ट्रवाद ने मुस्लिम तुष्टिकरण की हवा निकाल दी है। अब तो मुस्लिमों में उनका कौन नेता होगा इसकी लड़ाई चल रही है। मुस्लिम समाज में भी एक बड़ा वर्ग देश के विकास के साथ चलने में विश्वास करते है। क्या यह माना जाए कि विहिप व आरएसएस के इशारे पर देश हिदू राष्ट्र की ओर बढ़ रहा है? इसके जबाव में सोलंकी ने कहा कि मुझे आश्वर्य होता है कि जिस देश में 110 करोड़ हिदूओं की संख्या है उसे हिदू राष्ट्र कहलाने की क्या जरुरत। देश इजराइल के तर्ज पर भारत आगे बढ़ रहा है इसमें सभी को खुशी होनी चाहिए। बंगाल की वर्तमान राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बंगाल में मुस्लिम तृष्टिकरण के कारण यहां के आम नागरिक परेशान है। मुख्यमंत्री संगठित हो रहे हिदूओं के कारण पूजा पाठ पर ध्यान देने लगी है। मुख्यमंत्री को यह भी याद रखना होगा कि यह भूमि सुभाष चंद्र बोस और स्वामी विवेकानंद है। जब अंग्रेजों को भगाने में यह राज्य आंदोलन की अगुवाई कर सकता है तो बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए क्यों नहीं?। बंगाल में परिवर्तन आने वाला है। यहां हिदू समाज आतंकित है। यहां उनकी जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। इसका विरोध होगा और पूरे देश की तरह बंगाल में भी एनआरसी लागू होगा।

Posted By: Jagran

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