-अयोध्या पर फैसला उनके आत्मा को देगा शांति

-इंजीनियर होने के बाद समाज सेवा को बनाया अपना लक्ष्य

जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी : विहिप नेता अशोक सिंघल के पुण्यतिथि पर रविवार को उन्हें विहिप कार्यालय सिलीगुड़ी में श्रद्धासुमन देते हुए याद किया गया। इस मौके पर जिला सेवा प्रमुख सुशील रामपुरिया ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे राम जन्मभूमि आंदोलल के पुरोधा थे। 15 सितंबर 1926 को आगरा उत्तर प्रदेश में हुआ था। उनके पिता सरकारी दफ्तर में कार्यरत थे। वे 1942 में आरएसएस से जुड़े। बनारस विश्व हिंदू विश्वविद्यालय में आआइटी से इंजीनियरिंग पूरी की थी। उसके बाद वे समाज सेवा के मार्ग पर चल पड़े। वे संघ के पूर्णकालिक प्रचारक बने। 1975 से 1977 तक देश में आपातकाल और संघ पर प्रतिबंध रहा। वे इसके खिलाफ लोगों के बीच जागरूकता फैलाते रहे। आपातकाल के बाद वे दिल्ली के प्रांत प्रचारक रहे। 1981 में विराट हिंदू सम्मेलन हुआ। उसमें सारी शक्ति उनकी थी उसके बाद वे विहिप में आजीवन अपना योगदान दिया। 17 नवंबर 2015 को उनका निधन हरियाणा गुरुग्राम में हुआ था। जिलाध्यक्ष सुदिप्त मजुमदार, जिला सह सचिव राकेश अग्रवाल, नगर अध्यक्ष लक्ष्मण बंसल समेत बड़ी संख्या में सदस्य व पदाधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर अपनी बातें रखते हुए विहिप के अन्य नेताओं ने कहा कि अशोक सिंहल का जीवन हिन्दुत्व संस्कृति संस्कार, गऊ, गीता, राष्ट्र के साथ वेद के प्रचार के लिए देश-विदेशों में उल्लेखनीय रहा। आज अगर अयोध्या पर फैसला के समय वे हमारे बीच रहते तो उनके लिए यह सबसे अच्छा दिन होता। भारतीयता राष्ट्रीयता के प्रेरणास्त्रोत सनानत एंव हिंदुत्व के कूल अवधारना के प्रकाशपुंज अशोक सिंहल हमेशा समाज के कमजोर वर्गो, दलितों, पिछड़ों का खोया हुआ सम्मान दिलाने तथा उन्हें राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य करते रहे। आज वे हमारे बीच नहीं है परंतु भाषावाद, प्रांतवाद से उपर उठकर राष्ट्रीय एकता के रुप में उनके विचार हमेशा याद आता रहेगा। कहा गया कि उनके बताए मार्ग पर सभी चले। ऐसा हुआ तो पाकिस्तान एवं चीन द्वारा संभावित अघोषित युद्ध से निपटने के लिए प्रतिरोधात्मक क्षमता समाज के उत्पन्न करना जिससे हिंदु अपनी सुरक्षा कर सके। पंचखंड भूमंडल में भारतखंड सर्वाधिक उर्जावान क्षेत्र है। यही कारण है कि विश्व में यह पहला देश है जो मातृभूमि के नाम से जाना जाता है। यही कारण है कि अशोक सिंहल ने अपना आदर्श मानकर विष्णु के अवतार श्रीराम जन्मभूमि का मुक्त कराने के लिए राष्ट्रव्यापी जनजागरण राम के प्रति भूमिका निभायी। उन्हीं का देन है कि आज फैसला हमारे बीच आया है।

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पहली दिसंबर तक चलेगा हित चिंतक अभियान

सिलीगुड़ी : हिश्व हिंदू परिषद की ओर से रविवार यानि 17 नवंबर से पहली दिसंबर 19 तक हित चिंतक अभियान का शुभारंभ किया गया। इसके दौरान गांव गांव में हिंदू हितों की रक्षा करने वाले लोगों को विहिप सदस्य बनाएगी। इसमें युवाओं को बजरंग दल की सदस्या दिलायी जाएगी। इनका लक्ष्य है कि राष्ट्र धर्म, संस्कृति और संस्कृति की रक्षा के लिए समाज के लोगों को एकजुट आना होगा। विहिप समाज में जातिगत आधार पर बांटने वालों के बीच अपने सदस्यों के माध्यम से इस प्रकार के टकराव को रोकने की कोशिश करेगी। विहिप चाहती है कि समाज में समरसता रहे जिसे समाज आगे बढ़ते रहे जिससे राष्ट्र आगे बढ़ेगा।

Posted By: Jagran

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